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28 सालों से भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को चाय पिलाने वाले पटावाले के रूप में सेवा दे रहे रमेशभाई को भाजपा ने दिया टिकट
राजनीति में आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि टिकट पाने के लिए बड़े नेताओं और प्रभावशाली लोगों के बीच खींचतान चलती रहती है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) अक्सर ऐसे चौंकाने वाले फैसले लेती है, जो जमीनी और छोटे कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर देते हैं। ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला और प्रेरणादायक मामला मेहसाणा से सामने आया है, जहां पिछले 28 सालों से भाजपा कार्यालय में पटावाले के रूप में सेवा दे रहे रमेशभाई पॉपटलाल भील को पार्टी ने कॉर्पोरेटर पद के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है।
मेहसाणा में भाजपा जिला कार्यालय में पिछले 28 वर्षों से रमेशभाई भील चाय पिलाने और ऑफिस की देखरेख का काम करते हैं। लेकिन इस बार चुनाव की सूची ने सभी को चौंका दिया है। क्योंकि भाजपा ने अपनी समर्पण नीति को दोहराते हुए रमेश भील को वार्ड नंबर-13 के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।
रमेश भील केवल एक कर्मचारी नहीं हैं; वे एक अनुभवी पार्टी सैनिक हैं, जिन्होंने वर्षों तक बिना किसी व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा के संगठन की सेवा की है। अब पार्टी ने उनकी मेहनत और निष्ठा का फल उन्हें चुनाव टिकट देकर दिया है। उल्लेखनीय है कि केवल रमेश भील ही नहीं; मेहसाणा भाजपा ने अन्य संगठनात्मक चेहरों पर भी विश्वास जताया है। पार्टी ने जिला भाजपा कार्यालय सचिव जयेश प्रजापति की पत्नी नयना प्रजापति को भी चुनाव मैदान में उतारा है। पार्टी के इस फैसले से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
जहां एक ओर वरिष्ठ नेताओं के बीच खींचतान देखने को मिलती है, वहीं एक ‘चाय पिलाने वाले’ को टिकट दिए जाने से इस मामले की काफी चर्चा हो रही है। अब यह देखना बाकी है कि जनता इस समर्पित सेवक को म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की सीट के लिए चुनती है या नहीं। फिलहाल, भाजपा ने इस चाय पिलाने वाले कर्मचारी की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है; पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश भील के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए रमेशभाई भील ने अपनी पुरानी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब वे पार्टी कार्यालय से जुड़े थे, तब वह बहुत छोटा कार्यालय था। उन्होंने मात्र 500 रुपये के मासिक वेतन से पटावाले के रूप में नौकरी की शुरुआत की थी। आज समय के साथ उनका वेतन 10 हजार रुपये तक पहुंच गया है। वेतन भले ही कम हो, लेकिन उन्होंने कभी भी पैसे की परवाह किए बिना पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पार्टी की सेवा की है। इन 28 वर्षों के लंबे समय में उन्होंने कार्यालय में आने वाले सभी छोटे-बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीयता से काम किया है और कभी किसी से मनमुटाव या विवाद नहीं होने दिया।
कॉर्पोरेटर की टिकट मिलने पर रमेशभाई ने बेहद खुशी और कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से लेकर स्थानीय नेताओं जैसे कि गिरिशभाई राजगोर, महामंत्री भगाजी, शुभमभाई शाह और दास काका सहित सभी पदाधिकारियों का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने गर्व से कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो मेरे जैसे छोटे से छोटे व्यक्ति की इतनी बड़ी कद्र कर सकती है। अन्य किसी पार्टी में छोटे कार्यकर्ताओं को इतना सम्मान नहीं मिलता।’ पार्टी ने उनके वर्षों के समर्पण को ध्यान में रखते हुए जो सम्मान दिया है, वह उनके लिए गर्व की बात है।
रमेशभाई के परिवार के लिए राजनीति और चुनाव बिल्कुल नए नहीं हैं। पहले उनकी पत्नी को भी पार्टी द्वारा वार्ड नंबर 10 में एसटी (ST) सीट से टिकट दिया गया था। उस समय वह क्षेत्र कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था। इसके बावजूद उनकी पत्नी ने कांग्रेस की पैनल को तोड़ते हुए शानदार जीत दर्ज की थी। रमेशभाई को इस बार भी पूरा विश्वास है कि जनता का साथ मिलेगा और उनकी पूरी पैनल भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी।
मीडिया से बातचीत में रमेशभाई की सादगी और विनम्रता सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करती है। जब उनसे पूछा गया कि कॉर्पोरेटर बनने के बाद क्या वे यह पटावाले की नौकरी जारी रखेंगे?
उन्होंने बिना किसी अहंकार के स्पष्ट जवाब दिया, ‘मैं आज जो कुछ भी हूं, वह इस कार्यालय की वजह से हूं। कॉर्पोरेटर या कोई भी बड़ा पद मिल जाए, फिर भी मैं अपनी पटावाले की नौकरी जारी रखूंगा। मुझमें कोई घमंड नहीं आएगा। जिस तरह मैं अब तक काम करता आया हूं, उसी तरह आगे भी जनता और पार्टी की सेवा करता रहूंगा।’
रमेशभाई की यह सादगी दर्शाती है कि भले ही सत्ता और पद मिल जाए, लेकिन अपने मूल से जुड़े रहना कितना जरूरी है। मेहसाणा भाजपा का यह फैसला स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा का विषय बन गया है और जमीनी कार्यकर्ताओं में एक सकारात्मक संदेश दे रहा है।

