वॉट्सऐप की प्राइवेसी पर फिर घमासान… इलॉन मस्क ने कहा कि यह भरोसे के लायक नहीं, आपके प्राइवेट मैसेज भी पढ़े जा रहे हैं

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वॉशिंगटन। दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप की प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका में दायर एक क्लास एक्शन मुकदमे के बाद इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। इस विवाद को और हवा तब मिली जब टेक जगत की दो बड़ी हस्तियों इलॉन मस्क और पावेल डुरोव ने वॉट्सऐप की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।
मस्क ने जहां साफ तौर पर कहा कि वॉट्सऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता, वहीं डुरोव ने इसके एन्क्रिप्शन सिस्टम को ‘इतिहास का सबसे बड़ा कंज्यूमर फ्रॉड’ तक बता दिया। इन बयानों के बाद यूजर्स के बीच भी ऐप की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, कंपनी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया है।

एन्क्रिप्शन के बावजूद निजी मैसेज सुरक्षित नहीं

अमेरिका की एक अदालत में दायर याचिका में दावा किया गया है कि मेटा प्लेटफॉर्म का वॉट्सऐप अपने यूजर्स के निजी मैसेज को बीच में ही इंटरसेप्ट करता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि वॉट्सऐप पर भेजे जाने वाले सभी मैसेज केवल भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है। लेकिन मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कंपनी इस डेटा को एक्सेंचर जैसी तीसरी पार्टियों के साथ साझा कर रही है जोकि एक गंभीर बात है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यह यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन है और कंपनी अपने दावों के विपरीत काम कर रही है।

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इलॉन मस्क बोले- वॉट्सऐप पर भरोसा नहीं

इलॉन मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए वॉट्सऐप पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वॉट्सऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता। मस्क ने यूजर्स से X चैट का इस्तेमाल करने की अपील करते हुए दावा किया कि वहां उन्हें उचित प्राइवेसी मिलती है। 

डुरोव का आरोप- सबसे बड़ा एन्क्रिप्शन फ्रॉड

दूसरी ओर, पावेल डुरोव ने भी वॉट्सऐप पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म अपने एन्क्रिप्शन को लेकर यूजर्स को गुमराह कर रहा है। डुरोव के मुताबिक, वॉट्सऐप का एन्क्रिप्शन दावा इतिहास का सबसे बड़ा कंज्यूमर फ्रॉड हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि टेलीग्राम ने कभी इस तरह की प्रैक्टिस नहीं अपनाई है और न ही भविष्य में ऐसा करेगा।

अब मेटा ने इस मामले को लेकर क्या कहा?

इन गंभीर आरोपों के बीच मेटा प्लेटफॉर्म ने अपनी सफाई पेश की है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि मुकदमे में किए गए सभी दावे पूरी तरह से झूठे और बेतुके हैं। मेटा का कहना है कि वॉट्सऐप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग कर रहा है, जो दुनिया की सबसे सुरक्षित एन्क्रिप्शन तकनीकों में से एक माना जाता है। कंपनी के अनुसार, यूजर्स के मैसेज केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले तक ही सीमित रहते हैं और किसी तीसरे पक्ष को इन तक पहुंच नहीं होती है।

मस्क और जुकरबर्ग के बीच पुराना विवाद रहा है

इलॉन मस्क और मार्क जुकरबर्ग के बीच विवाद कोई नया नहीं है। मस्क द्वारा ट्विटर (अब X) खरीदने के बाद मेटा ने थ्रेड्स लॉन्च किया था। 2025 में मस्क ने अपने एआई चैटबॉट ग्रोक को मेटा एआई से बेहतर बताया। जून 2023 में दोनों के बीच ‘केज फाइट’ की चर्चा भी सुर्खियों में रही। ऐसे में वॉट्सऐप को लेकर मस्क की टिप्पणी को इस प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

कोर्ट में मामला, हर्जाने की मांग

यह क्लास एक्शन मुकदमा जनवरी में दो यूजर्स ब्रायन वाई. शिराजी और निदा सैमसन द्वारा कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दायर किया गया है। मुकदमे में मेटा प्लेटफॉर्म्स और एक्सेंचर को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने जूरी ट्रायल की मांग करते हुए कंपनी से भारी हर्जाने की अपील की है। फिलहाल यह मामला अदालत में लंबित है और आने वाले समय में इसके फैसले का असर करोड़ों यूजर्स पर पड़ सकता है।
अब यह जानते हैं कि क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?

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एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी सुरक्षा तकनीक है, जिसमें मैसेज को एक गुप्त कोड में बदल दिया जाता है।

इस तकनीक के तहत

  • केवल भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही मैसेज पढ़ सकता है
  • कोई तीसरा व्यक्ति, हैकर या सर्विस प्रोवाइडर इसे एक्सेस नहीं कर सकता

यही वजह है कि इसे डिजिटल कम्युनिकेशन में सबसे सुरक्षित प्रणालियों में से एक माना जाता है।
बता दें कि यह विवाद फिलहाल कानूनी प्रक्रिया में है, लेकिन इससे एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि डिजिटल युग में यूजर्स की प्राइवेसी कितनी सुरक्षित है।

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