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सिस्टम का 'अंधा' कानून! बिना साइलेंसर वाली इलेक्ट्रिक कार का काटा प्रदूषण चालान, मालिक चिल्लाता रहा पर पुलिस ने थमा दी चालान की रसीद
अगर आपके पास इलेक्ट्रिक वाहन (EV) है, तो आपको शायद लगता होगा कि PUC यानी प्रदूषण वाला चालान नहीं कटेगा। तो यह सही भी है क्योंकि EV में साइलेंसर होता ही नहीं, तो प्रदूषण की बात ही बेमानी लगती है। लेकिन भाई साहब, अगर आप राजस्थान में अपनी EV चला रहे हैं, तो आपका PUC वाला चालान कट सकता है। यह पढ़कर आपको लगेगा कि कोई गलती हो गई होगी… गाड़ी का नंबर गलत चढ़ गया होगा… नहीं भाई, ऐसा कुछ नहीं हुआ। यह जुर्माना पुलिस अधिकारी द्वारा ही लगाया गया था।
इलेक्ट्रिक कार को प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र न होने पर जुर्माना लगाने की यह अजीब घटना राजस्थान के नागौर जिले से सामने आई है। वहां पुलिस ने इलेक्ट्रिक कार के खिलाफ ही प्रदूषण प्रमाणपत्र के लिए चालान काट दिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है।
जोधपुर के रहने वाले पुनाराम ने करीब 3 महीने पहले एक नई इलेक्ट्रिक कार खरीदी थी। उन्होंने शायद सोचा होगा कि यह वाहन न सिर्फ उनके चलाने के खर्च को कम करेगा, बल्कि प्रदूषण प्रमाणपत्र लेने की झंझट भी नहीं रहेगी। लेकिन 6 अप्रैल को जब उनका वाहन नागौर में था, तब पुलिस ने उन्हें 440 वोल्ट का झटका दे दिया। बताया जाता है कि उस समय पुनाराम के बड़े भाई अशोक पंवार कार चला रहे थे। इसी दौरान RTO रोड पर सफर करते समय एक पुलिस अधिकारी ने वाहन रोका और चालान काट दिया।
जब पुनाराम को उनके मोबाइल फोन पर जुर्माने की सूचना मिली, तो उन्होंने तुरंत अपने भाई को फोन करके जानकारी दी। अशोक पंवार मौके पर मौजूद ASI राजकुमार के पास पहुंचे और मेमो काटने का कारण पूछा। उन्होंने कहा कि वाहन इलेक्ट्रिक है और इसलिए इससे प्रदूषण नहीं होता। इस पर ASI ने जवाब दिया कि उनके मशीन में वाहन का PUC स्टेटस ‘NIL’ दिखा रहा है, जिसकी वजह से मेमो काटा गया है।
यानी अगर हमारी सिस्टम ‘NIL’ दिखाती है, तो आपका चालान कट जाएगा। पुलिस ने ₹1,500 का PUC (प्रदूषण नियंत्रण) चालान और रंगीन शीशों के लिए ₹200 का चालान जारी किया, जिससे कुल ₹1,700 का जुर्माना वसूला गया। वाहन चालक अशोक पंवार का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।
उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन से धुआं नहीं निकलता, इसलिए PUC प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वाहन के शीशों पर काली फिल्म नहीं लगाई गई थी, बल्कि धूप से बचाव के लिए जाली लगाई गई थी। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाहनों पर किसी भी तरह की फिल्म या जाली लगाना अनुमति नहीं है। इसके लिए चालान जरूर कटेगा। अब तक नागौर पुलिस ने इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

