करोड़ों का पैकेज और आलीशान जिंदगी छोड़ी, भारत लौटे युवक का छलका दर्द, बोला- 'वहां जेल जैसा लग रहा था'

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विदेश में नौकरी मिलना अक्सर ‘ड्रीम जॉब’ माना जाता है, खासकर अमेरिका, यूरोप और UK जैसे देशों में। लेकिन क्या वहां का जीवन सच में उतना ही अद्भुत है जितना वह दूर से दिखता है? इसी सवाल के बीच, एक कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है।

यह कहानी है फिजियोथेरेपिस्ट मानव शाह की, जिन्हें UK में सालाना 40 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी मिली थी। उनका करियर अच्छी तरह शुरू हो गया था, और सब कुछ ठीक चलता हुआ लग रहा था, लेकिन अंदर से उन्हें कुछ कमी महसूस होने लगी।

मानव शाह के अनुसार, अच्छी सैलरी और बेहतर जीवनशैली के बावजूद, उन्हें अपनी नौकरी में एक तरह से बंधे होने का एहसास होने लगा। उन्होंने बताया कि कभी-कभी उन्हें ऐसा लगता था जैसे वे किसी जेल जैसी बंद जगह में रह रहे हों। यानी पैसे होने के बावजूद, उन्हें स्वतंत्रता की कमी महसूस होती थी।

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उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत से ही उनकी इच्छा कुछ अपना करने की थी। वे हमेशा उद्यमी बनने का सपना देखते थे, लेकिन UK की 9 से 5 वाली नौकरी ने उन्हें वह मौका नहीं दिया। इसी वजह से उन्होंने अपनी पसंद का करियर बनाने के लिए भारत लौटने का फैसला किया।

इस फैसले के पीछे सिर्फ करियर ही नहीं बल्कि भावनात्मक कारण भी थे। मानव शाह ने खुलकर बताया कि विदेश में अकेलापन बहुत कठिन हो सकता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने का जो आनंद मिलता है, वह किसी भी पैसे या जीवनशैली से बड़ा होता है।

उन्होंने एक व्यावहारिक पहलू की भी बात की। उनके अनुसार, भारत में रहना ज्यादा सस्ता है, जहां कम खर्च में ज्यादा बचत की जा सकती है और आवश्यक सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं।

जैसे ही उनका वीडियो सोशल मीडिया पर आया, लोगों ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी। कई यूज़र्स ने कहा कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, जबकि अन्य लोगों ने उनके फैसले की सराहना की। बहुत से लोग उनके विचारों से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करने लगे।

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moneycontrol.com

यह कहानी उन लोगों के लिए एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जो विदेश जाना ही सफलता की कुंजी मानते हैं। यह हमें दिखाती है कि जीवन में खुशी, स्वतंत्रता और अपने लोगों का साथ भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आज के समय में, जब हर कोई विदेश जाने का सपना देखता है, यह कहानी एक अलग नजरिया पेश करती है।

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