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सूरत मनपा चुनाव: कानाणी का विपक्ष पर प्रहार, बोले- 'सुंदरकांड पाठ' से नहीं धुलेंगे भ्रष्टाचार के दाग
सूरत। सूरत महानगरपालिका का चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पार्टी नेताओं की बयानबाजियां भी तेज होती जा रही हैं। सभी पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने प्रतिद्वंद्वी पर तीखा हमला कर रहे हैं। चुनावी शोरगुल में भ्रष्टाचार से लेकर धार्मिक मुद्दे सुनाई दे रहे हैं। दरअसल, वराछा से विधायक कुमार कानाणी ने चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में भ्रष्टाचार करने वाले नेता अब चुनाव आते ही धार्मिक कार्यक्रमों का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
वराछा के पाटीदार बहुल इलाकों- फूलपाड़ा और अश्विनी कुमार क्षेत्र मेंआयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए कानाणी ने कहा कि विपक्षी नेता राशनकार्ड से जुड़े लोगों को परेशान करते हैं। उनके मुताबिक, ये नेता राशन की दुकानों पर जाकर दुकानदारों को धमकाते हैं और तरह-तरह के आरोप लगाकर उन पर दबाव बनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक दुकानदार 2,000 रुपये देने पर सहमत नहीं होते, तब तक उन्हें परेशान किया जाता है। कानाणी ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह की नीति और व्यवहार को जनता स्वीकार करेगी। दरअसल, सूत्रों के मुताबिक उनका इशारा आम आदमी पार्टी की ओर था। सूरत महानगरपालिका चुनाव में ऐसा माना जा रहा है कि आप भाजपा को कई सीटों पर कड़ी टक्कर दे सकती है।
विपक्ष विधवा से भी उगाही कर रही है…
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के कुछ लोग गरीब और मजबूर लोगों को भी नहीं छोड़ते। कानाणी ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि यदि कोई विधवा महिला अपने जीवनयापन के लिए घर में अतिरिक्त मंजिल बनाकर किराये से आय प्राप्त करना चाहती है, तो ऐसे मामलों में भी उससे 25,000 रुपये तक की उगाही की जाती है। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग का इस तरह शोषण करना गंभीर चिंता का विषय है।
कानाणी बोले- जनता अब भ्रमित नहीं होगी
कानाणी ने जनता से सीधे सवाल किया कि क्या ऐसे लोगों को क्या सत्ता में भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि वराछा के गली-मोहल्लों में इस तरह की घटनाओं को लेकर चर्चा हो रही है और लोग अब सच को समझ रहे हैं। उनके अनुसार, जनता अब पहले की तरह भ्रमित नहीं होगी और सही निर्णय लेगी। अपने भाषण में कानाणी ने विपक्ष पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पांच वर्षों तक सत्ता में रहते हुए केवल भ्रष्टाचार किया, वही अब चुनाव के समय धार्मिक आयोजनों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये लोग अब ‘सुंदरकांड’ के पाठ कर रहे हैं, लेकिन यह आस्था नहीं बल्कि वोट पाने की रणनीति है। जनता इस दिखावे को भली-भांति समझती है।
कानाणी ने कांग्रेस को भी घेरा- पूछा, राम मंदिर का विरोध किसने किया था?
इतिहास का हवाला देते हुए कानाणी ने कुछ राष्ट्रीय मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने पूछा कि देश में राम मंदिर के निर्माण का विरोध किसने किया था। इस संदर्भ में उन्होंने राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि आज वही लोग राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर भी विपक्ष की पुरानी भूमिका पर सवाल उठाए। कानाणी ने कहा कि जो लोग पहले सनातन धर्म और धार्मिक प्रतीकों का विरोध करते थे, वे अब चुनाव के समय भगवा पहनकर जनता के सामने आ रहे हैं। उन्होंने इसे अवसरवादी राजनीति करार दिया और कहा कि जनता को ऐसे ‘रंग बदलने वाले’ नेताओं से सावधान रहना चाहिए।
वहीं उम्मीदवार चुनें जो जनता के हित के बारे में सोचती है
उन्होंने अपने संबोधन के अंत में लोगों से अपील की कि वे सोच-समझकर मतदान करें और ऐसे उम्मीदवारों को चुनें जो वास्तव में जनता के हित में काम करते हों। कानाणी ने भरोसा जताया कि सूरत की जनता इस बार विकास और पारदर्शिता के आधार पर निर्णय लेगी।
बयानबाजियां चुनाव के आखिरी दौर में और तेज होगी
सूरत नगर निगम चुनाव को लेकर माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। एक ओर जहां सत्तारूढ़ दल अपने विकास कार्यों को गिना रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी अपनी रणनीति के साथ मैदान में है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

