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कोलकाता: ममता दीदी के 'गढ़' में सेंध लगाने की तैयारी! सूरत से बंगाल के लिए BJP की 'वोटर्स स्पेशल' ट्रेन, पार्टी उठाएगी पूरा खर्च
भाजपा ने रविवार रात उधना स्टेशन से 1300 श्रमिकों के साथ एक खास ‘वोटर्स स्पेशल’ ट्रेन बंगाल के लिए रवाना की है और अभी 2 और ट्रेन भेजने की योजना है। भाजपा वोट के लिए लोगों को मुफ्त में एसी ट्रेन की सेवा दे रही है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है। इस चुनाव में ममता बनर्जी को हराने के लिए भाजपा ने केवल बंगाल में ही नहीं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर गुजरात से भी मजबूत रणनीति बनाई है।
सूरत में रहने वाले लाखों बंगाली कारीगर भाजपा के पक्ष में मतदान करें, इसके लिए सूरत भाजपा कार्यालय और ‘सूरत बंगाली समाज’ द्वारा विशेष आयोजन किया गया है। इस अभियान के तहत कुल 4 स्पेशल ट्रेनों के जरिए लगभग 5000 मतदाताओं को मुफ्त में पश्चिम बंगाल पहुंचाया जाएगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, बीती रात सूरत के उधना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 से पश्चिम बंगाल में मतदान करने के लिए 1300 से अधिक मतदाताओं को ‘वोटर्स स्पेशल’ ट्रेन में रवाना किया गया। इन यात्रियों के हाथ में तिरंगा था और पूरा स्टेशन ‘वंदे मातरम’ तथा ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा था। अब दूसरी ट्रेन 24 अप्रैल को सूरत से रवाना होगी। ये सभी ट्रेनें सीधे कोलकाता जाएंगी, ताकि मतदाताओं को यात्रा में कोई परेशानी न हो।
सूरत बंगाली समाज के अग्रणी वासुदेव अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और इसे साकार करने के लिए हम कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के साथ खड़े हैं। सूरत भाजपा कार्यालय और बंगाली समाज द्वारा यह ट्रेन सुविधा पूरी तरह ‘फ्री ऑफ कॉस्ट’ रखी गई है। मध्यम और गरीब वर्ग के कारीगर जो महंगी टिकट या विमान का खर्च नहीं उठा सकते, वे मतदान कर सकें इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। सभी लोग भाजपा को वोट देकर विजय दिलाएंगे।
सूरत में लगभग 2.5 लाख से अधिक बंगाली लोग रहते हैं, जो मुख्य रूप से डायमंड, ज्वेलरी और टेक्सटाइल मार्केट में कारीगरी का काम करते हैं। यह श्रमिक वर्ग एक बड़ा वोट बैंक रखता है। चुनाव के समय महंगी टिकट या ट्रेनों में भीड़ के कारण ये लोग अपने वतन नहीं जा पाते। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने इन श्रमिकों को सीधे पश्चिम बंगाल भेजने की योजना बनाई है। भाजपा को उम्मीद है कि सूरत से जाने वाले ये हजारों मतदाता वहां जाकर अपने परिवार और गांव में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएंगे।
सूरत बंगाली समाज के अग्रणी सदानंद राउत ने बताया कि हमने यह ट्रेन ‘परिवर्तन यात्रा’ के लिए निकाली है। हम इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। सूरत से जा रहे ये लगभग 1800 लोग केवल यात्री नहीं, बल्कि 1800 वोट हैं जो परिवर्तन लाएंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह है कि श्रमिक वर्ग, जो आर्थिक तंगी या आरक्षण न मिलने के कारण मतदान करने नहीं जा पाते, वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
सूरत में हीरा उद्योग से जुड़े अरुण मंडल ने बातचीत में बताया कि वहां तृणमूल की सरकार में लूटपाट और सिंडिकेट राज चलता है। हम चाहते हैं कि भाजपा सरकार आए तो सब शांत हो। जैसे उत्तर प्रदेश सुधर गया है, वैसे ही बंगाल में भी नया कानून आए और सुधार हो, इसके लिए हम इतनी दूर से वोट देने जा रहे हैं। उन्हें एसी कोच में मुफ्त यात्रा मिलने पर भी काफी खुशी हुई।
वहीं दूसरी ओर यूपी, बिहार और ओडिशा के लोगों को पैसे देकर भी पुलिस के डंडे खाकर भेड़-बकरियों की तरह यात्रा करनी पड़ी थी। उल्लेखनीय है कि 19 अप्रैल को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर भारी अफरातफरी मच गई थी। उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा जाने वाले 10 हजार से अधिक लोग इकट्ठा हो गए थे, लेकिन भीड़ को पुलिस भी संभाल नहीं सकी। इस भगदड़ में लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए ट्रेन पकड़ने जा रहे थे, तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया। ट्रेनों में पैर रखने की भी जगह न होने के कारण 4000 से अधिक लोगों को वापस अपने कमरे लौटना पड़ा। एक को सुविधा और दूसरे को दुर्व्यवस्था- भाजपा सरकार और रेलवे तंत्र के दोहरे रवैये से कई सवाल उठ रहे हैं।

