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गुजरात में निकाय चुनाव: अहमदाबाद में कांग्रेस ने फुटपाथ पर खिलौने बेचने वाली महिला को टिकट दिया, प्रत्याशी बोलीं- यह गर्व का पल
इधर, सूरत में कांग्रेस की सभा में घुसे भाजपा कार्यकर्ता, लगाए ‘जय श्री राम’ के नारे
अहमदाबाद। गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। वोटिंग में अब एक हफ्ते शेष रह गए हैं। यहां भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पाटी के बीच मुख्य मुकाबला है। सभी पार्टियां अब जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुट गई हैं। वही निगम चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर दिलचस्प बातें सामने आ रही हैं। दरअसल, चुनावों में हर पार्टी अक्सर एक-दूसरे पर आरोप लगाती है कि टिकट केवल परिवार के लोगों को ही दिए जाते हैं। कई बार पार्टियां नेताओं के बेटों को टिकट देकर मैदान में उतारती हैं। इसके अलावा आम तौर पर राजनीति में अनुभवी और स्थापित नेताओं को ही टिकट मिलता है।
लेकिन अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनाव में कांग्रेस ने एक अलग रणनीति अपनाई है। गुजरी बाजार में खिलौने बेचकर अपना गुजारा करने वाली महिला कार्यकर्ता आशाबेन दंताणी को शाहपुर वार्ड में सामान्य महिला आरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। आशाबेन को कांग्रेस से फोन आया और उनकी किस्मत बदल गई। जब उन्होंने कहा कि उनके पास साधन नहीं हैं, तब भी पार्टी ने उनका समर्थन किया।
खिलौने बेचकर गुजरा करती हैं आशाबेन
खिलौने बेचकर गुजारा करने वाली आशाबेन को टिकट मिलने से एक आम महिला की असाधारण यात्रा शुरू हो गई है। जो महिला फुटपाथ पर खिलौने बेचकर जीवनयापन करती थी, अब वह लोगों के अधिकारों के लिए चुनाव मैदान में उतरी है। दिनभर मेहनत करके परिवार का पालन करने वाली आशाबेन अब लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए घर-घर जाकर प्रचार कर रही हैं। उनके लिए चुनाव केवल सत्ता पाने का रास्ता नहीं, बल्कि जीवनभर के संघर्ष को आवाज देने का एक प्रयास है।
बोलीं- काम के साथ चुनाव प्रचार भी जारी है
आशाबेन दंताणी ने कहा, ‘मुझे कांग्रेस से टिकट मिलने की बहुत खुशी है। हमें सड़क से उठाकर यहां तक पहुंचाया गया है। सभी समाज का हमें समर्थन मिल रहा है। चुनाव के लिए पैसे की नहीं, जनता के सहयोग की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि वे गुजरी बाजार में पुराने खिलौने बेचने का काम करती हैं और बाकी दिनों में फुटपाथ पर भी सामान बेचती हैं। ‘कांग्रेस ने इस बार हमारे जैसे लोगों को टिकट दिया है, यह गर्व की बात है। हम अपना काम भी जारी रखे हुए हैं और साथ ही चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं।’
25 वर्षों से खिलौना बेचने का काम कर रही है
आशाबेन पिछले 25 वर्षों से गुजरी बाजार में बैठकर खिलौने बेचती हैं। उन्होंने कभी टिकट के लिए दावा नहीं किया था, लेकिन पार्टी ने एक साधारण महिला कार्यकर्ता को मौका देकर मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की है। जब उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहा गया, तो उन्होंने पैसों की कमी के कारण पहले मना कर दिया था। लेकिन अब पार्टी और टीम के साथ मिलकर चुनाव जीतने के लिए काम कर रही हैं। आशाबेन का कहना है कि चुनाव जीतने के लिए पैसे से ज्यादा जरूरी जनता का विश्वास है। वे और उनकी टीम घर-घर जाकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
पानी, सीवर और सड़कों की समस्याओं को बनाया चुनावी मुद्दा
आशाबेन ने यह भी कहा कि जनता को पानी, सीवर और सड़कों की समस्याओं से राहत दिलाने का वादा किया जा रहा है। उनके जैसे कई फुटपाथ पर काम करने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें बार-बार एक जगह से हटाकर दूसरी जगह बैठाया जाता है। उनकी इच्छा है कि ऐसे लोगों को स्थायी स्थान दिया जाए।
सूरत में चुनाव के बीच भाजपा-कांग्रेस के बीच चल रहा हाईवोल्टेज ड्रामा
इधर, सूरत महानगरपालिका के चुनाव का मुकाबला अब चरम पर पहुंच गया है। शहर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है, ऐसे में लिम्बायत क्षेत्र में प्रचार के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। यहां भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस की गली मीटिंग के दौरान भाजपा के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। खासकर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए जाने से मामला और गरम हो गया, जिससे स्थानीय राजनीति में काफी चर्चा छिड़ गई है।
बीजेपी कार्यकर्ता ने महिला उम्मीदवार को घेरा
घटना के अनुसार, लिंबायत के मदनपुरा इलाके में कांग्रेस द्वारा आगामी मनपा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक गली मीटिंग आयोजित की गई थी। जब कांग्रेस उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे थे, तभी भाजपा का दुपट्टा और टोपी पहने एक कार्यकर्ता अचानक वहां पहुंच गया। उसने कांग्रेस की महिला उम्मीदवार से सीधा सवाल किया कि यह मेरी सोसायटी है, आप अभी वोट मांगने आए हैं, लेकिन पिछले पांच साल से आप कहां गायब थे? इस सवाल के बाद मीटिंग में अफरा-तफरी मच गई। महिला उम्मीदवार ने बचाव में कहा कि वे लगातार समाज सेवा कर रही हैं, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता ने उनकी बात को खारिज कर दिया। मामला तब और गरम हो गया जब बीजेपी कार्यकर्ता ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस की सभा के बीच ही ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि विपक्ष सिर्फ चुनाव के समय ही नजर आता है, जबकि कांग्रेस ने इसे भाजपा की गुंडागर्दी और प्रचार में बाधा डालने की साजिश बताया है।

