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सूरत में चुनावी पारा हाई, नामांकन वापसी के आखिरी दिन आप ने अपने सभी 111 उम्मीदवारों को फार्महाउस में किया ‘नजरबंद’
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को आशंका- भाजपा कर सकती है बड़ा ‘खेल’
सूरत। सूरत नगर निगम चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हलचल अपने चरम पर है। सियासी पारा काफी हाई है। आम आदमी पार्टी ने अपने 111 उम्मीदवारों को कथित तौर पर एक भव्य फार्महाउस में बुला लिया है। आप और कांग्रेस को आशंका है कि भाजपा उम्मीदवारों को तोड़ने के लिए कोई बड़ा खेल कर सकती है। इसलिए अंतिम समय में होने वाले संभावित राजनीतिक दांव-पेचों को रोका जा सके, इसके लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपने उम्मीदवारों को नजरबंद कर रही है। यह दरअसल, 15 अप्रैल को नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख होने की वजह से सूरत में दिनभर हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
सूत्रों के अनुसार, आप ने अपने सभी उम्मीदवारों को शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक गुप्त फार्महाउस में स्थानांतरित कर दिया है। बताया जा रहा है कि दोपहर 3 बजे की समयसीमा पूरी होने तक उम्मीदवारों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ रखे गए, ताकि वे किसी भी बाहरी संपर्क में न आ सकें। पार्टी को आशंका थी कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा संभावित तोड़फोड़ की रणनीति अपनाई जा सकती है।
इस फार्महाउस को पूरी तरह सुरक्षित किले में बदल दिया गया है। मुख्य प्रवेश द्वार पर पार्टी के भरोसेमंद कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई है और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संदिग्ध वाहन को अंदर आने की अनुमति नहीं है। अंदर घने पेड़ों के बीच स्थित एसी बैंक्वेट हॉल में उम्मीदवारों के लिए आरामदायक व्यवस्था की गई है। हॉल में सोफा, कूलिंग की व्यवस्था और भोजन उपलब्ध कराए गए हैं।
मकसद- उम्मीदवार किसी दबाव में आकर नामांकन वापस न ले
अंदरखाने इसे एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। असली उद्देश्य यह है कि सभी उम्मीदवार एक ही स्थान पर रहें और विपक्षी दलों के संपर्क से दूर रहें। खासतौर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी उम्मीदवार गलती से या दबाव में आकर चुनाव अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन वापस न ले सके।
फार्महाउस के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सख्त निगरानी
फार्महाउस के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन और आईडी चेक किया जा रहा है। उम्मीदवारों को दिनभर विभिन्न सेमिनार और गतिविधियों में व्यस्त रखा गया है, ताकि वे बाहर जाने का प्रयास न करें। इसके अलावा, क्षेत्र शहर से दूर होने के कारण मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर बताया जा रहा है जो इस रणनीति को और प्रभावी बनाता है।
पहले की घटनाओं से सबक लेकर आप ने उठाया यह कदम
आम आदमी पार्टी की यह रणनीति पहले के अनुभवों से प्रेरित बताई जा रही है, जहां अंतिम समय में उम्मीदवारों के पाला बदलने या नामांकन वापस लेने की घटनाएं सामने आई थीं। इस बार प्रदेश नेतृत्व ने विशेष रूप से सूरत मॉडल पर नजर रखी है और किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया है। उम्मीदवारों को शाम तक फार्महाउस में ही रोके रखने की योजना है, जिसके बाद ही उन्हें बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी।
कुमार कानाणी बोले- निगम चुनाव में किसी और से प्रेम, ये नहीं चलेगा
इसी बीच, सूरत के वराछा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक कुमार कानाणी ने मतदाताओं के बदलते रुझान पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आप लोगों का प्यार गजब है, लेकिन यह मुझे पसंद नहीं आया। निगम चुनाव में किसी और को और विधानसभा में मुझे प्यार करते हो। अब एक जैसा प्यार करो।
कांग्रेस भी अपने उम्मीदवारों पर रख रही विशेष नजर
कांग्रेस ने भी सूरत में अपने उम्मीदवारों पर नजर रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने कलेक्टर कार्यालय सहित विभिन्न केंद्रों पर गुप्त टीमों को तैनात किया है, ताकि कोई उम्मीदवार दबाव या लालच में आकर चुपचाप नामांकन वापस न ले सके। दिलचस्प बात यह है कि कई उम्मीदवारों को खुद इस निगरानी की जानकारी नहीं है। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है, तो पार्टी कार्यकर्ता तुरंत हस्तक्षेप कर उम्मीदवार को रोकने का प्रयास करेंगे। कुल मिलाकर, नामांकन वापसी के अंतिम दिन सूरत और अन्य शहरों में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं और हर पार्टी अपने उम्मीदवारों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव रणनीति अपना रही है।
नामांकन वापसी का 15 अप्रैल को अंतिम दिन
बता दें कि अप्रैल को गुजरात में 15 नगर निगम, 34 जिला पंचायत, 84 नगरपालिकाओं और 260 तालुका पंचायतों के चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है। 26 अप्रैल को होने वाले इन चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। भाजपा, कांग्रेस और आप सभी पार्टियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है।

