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इस गुरु से सीखने के बाद गणित का डर नहीं लगेगा
आज के समय में, जब ‘एडु-टेनमेंट’ के नाम पर भारी-भरकम एनीमेशन और हाई-फाई स्टूडियो का दबदबा है, वहीं सोशल मीडिया पर एक साधारण सी वर्कशॉप से बना वीडियो सबको हैरान कर रहा है। इंस्टाग्राम पर ‘सज्जन पुरुष’ (Honey Dozer) के नाम से पहचाने जाने वाले एक मैकेनिकल इंजीनियर ने वह कर दिखाया, जो कई बड़े कोचिंग संस्थान भी नहीं कर पाए।
कौन हैं सज्जन पुरुष?
एक मैकेनिकल इंजीनियर, जो किताबों की थ्योरी के बजाय मशीनों पर प्रैक्टिकल तरीके से मैथ्स और मैकेनिक्स समझाते हैं।
वायरल होने की वजह: उनका एक वीडियो, जिसमें उन्होंने “बम बम भोले, सोना चांदी तोले” जैसे देसी फॉर्मूले के जरिए Sine और Cosine के बीच का संबंध आसान तरीके से समझाया।
सराहना: "विजय शेखर शर्मा" ने उनकी जमकर तारीफ की, जिसके बाद उनका कंटेंट रातों-रात वायरल हो गया l

जहां मैथ्स महसूस होता है:
अक्सर स्कूलों में हमें sin और cos के फॉर्मूले सिर्फ रटाए जाते हैं, लेकिन उनका असली उपयोग कहाँ होता है, यह समझाया नहीं जाता। ‘सज्जन पुरुष’ ने अपनी लेथ मशीन और लोहे के औजारों की मदद से दिखाया कि एक इंजीनियर सटीक कटिंग के लिए ट्रिग्नोमेट्री का कैसे इस्तेमाल करता है। जब धातु को किसी खास एंगल पर काटा जाता है, तब मैथ्स सिर्फ नंबर नहीं रहता, बल्कि एक असली अनुभव बन जाता है।
इंटरनेट पर लोग उनकी तुलना बड़े-बड़े प्रोफेसरों से कर रहे हैं, और इसके पीछे तीन खास वजहें हैं:
देसी अंदाज: वे कठिन तकनीकी शब्दों के बजाय ऐसी सरल भाषा में समझाते हैं, जिससे आम आदमी भी आसानी से जुड़ सके।
विजुअल लर्निंग: जब छात्र अपनी आंखों से मशीन के साथ एंगल बदलते हुए देखते हैं, तो कॉन्सेप्ट लंबे समय तक दिमाग में बैठ जाता है।
ईमानदारी: उनके वीडियो में कोई दिखावा नहीं होता—बस ग्रीस से सने हाथ, असली मशीनें और शुद्ध ज्ञान नजर आता है।
https://www.instagram.com/reel/DWiqtdLiJ3-/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==
क्या बदल रही है भारत में पढ़ाई की परिभाषा?
‘सज्जन पुरुष’ की बढ़ती लोकप्रियता एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। अब भारत में लोग सिर्फ डिग्री या किताबों के ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि स्किल-बेस्ड लर्निंग को भी उतनी ही अहमियत दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके कमेंट सेक्शन में लोग यही कह रहे हैं—काश, हमें स्कूल में भी ऐसे ही पढ़ाया गया होता!
सादगी में ही सरलता है
‘सज्जन पुरुष’ की कहानी यह याद दिलाती है कि बेहतरीन शिक्षक हमेशा एसी कमरों में ही नहीं मिलते… कई बार वे वर्कशॉप में मशीनों के बीच काम करते हुए भी ज्ञान बांटते नजर आते हैं। उनकी सफलता इस बात का सबूत है कि अगर आपके पास गहरी समझ है, तो उसे समझाने के लिए महंगे कैमरे या हाई-फाई स्टूडियो की जरूरत नहीं होती।
क्या आपने उनका वायरल वीडियो देखा है? आपको क्या लगता है—क्या हमारे स्कूलों में भी इसी तरह प्रैक्टिकल तरीके से मैथ्स सिखाई जानी चाहिए?

