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सूरत: भीषण गर्मी और नेताओं का पारा, शब्दों की मर्यादा भूल रहे हैं नेता…पुरुषोत्तम रुपाला बोले- खानदान देखकर मतदान करें
सूरत। सूरत महानगरपालिका चुनाव में अब केवल तीन दिन शेष रह गए हैं। इसबीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सूरत में गर्मी का पारा जैसे-जैसे बढ़-बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सियासी पार भी चढ़ता जा रहा है और नेता अपनी मर्यादा भी भूल रहे हैं। बता दें कि चुनाव के प्रचार के तहत भाजपा के वरिष्ठ नेता और स्टार प्रचारक पुरुषोत्तम रूपाला ने वार्ड नंबर 12 और 4-5 में जनसभाओं को संबोधित किया। वार्ड नंबर 4 और 5 की सभा में रूपाला ने अपने अंदाज में विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि सूरत की पहचान विश्वभर में ‘डायमंड सिटी’ के रूप में है, इसलिए ऐसे महानगर का प्रशासन संभालने के लिए ‘खानदान’ देखकर मतदान करना चाहिए। उन्होंने विकास की राजनीति पर जोर देते हुए कहा कि निगम में ऐसी टीम होनी चाहिए जो राज्य और केंद्र सरकार के साथ तालमेल बैठा सके। ताप्ती नदी के किनारे आयोजित सभा में उन्होंने सूरत को ‘मिनी भारत’ बताते हुए उसके विकास और केंद्र सरकार की वैश्विक उपलब्धियों का उल्लेख किया तथा मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की।
रूपाला ने पैंट के साथ मैचिंग कोट की बात क्यों की…
उन्होंने कहा कि जैसे पैंट के साथ मैचिंग कोट पहना जाता है, वैसे ही संसद और राज्य में जिस पार्टी की सरकार हो, उसी के अनुरूप नगर निगम में भी सरकार होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सत्ता होने से विकास कार्यों में बाधा आती है और विपक्ष के पास कोई स्पष्ट विजन नहीं है।
बताया- सूरत मिनी सौराष्ट्र से मिनी भारत कैसे बन गया
रूपाला ने कहा कि 1985 से वे सूरत आते रहे हैं। पहले इसे ‘मिनी सौराष्ट्र’ कहा जाता था, लेकिन अब यह ‘मिनी भारत’ बन गया है, जहां देशभर के लोग रहते हैं और रोजगार के लिए आते हैं। उन्होंने 2006 की बाढ़ के दौरान नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। नर्मदा परियोजना का उल्लेख करते हुए रूपाला ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब नर्मदा बांध की ऊंचाई बढ़ाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 72 घंटे का उपवास करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि यह दुर्लभ उदाहरण है और इससे पता चलता है कि उस समय गुजरात के साथ कैसा व्यवहार होता था।
राम मंदिर और धारा 370 को लेकर विपक्ष पर हमला
रूपाला ने राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि पहले तारीख को लेकर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन अब मंदिर बन चुका है। उन्होंने धारा 370 हटाने का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष इसे असंभव बताता था, लेकिन इसे एक प्रस्ताव में समाप्त कर दिया गया।
रूपाला- दुनिया में अंदरूनी मतभेद, लेकिन भारत के साथ सभी का सहयोग
रूपाला ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान की होर्मुज स्ट्रेट से कई देशों के जहाजों को दिक्कत होती है, लेकिन भारत के जहाजों को निकलने दिया जाता है। उन्होंने कहा कि रूस भारत को तेल-गैस देने को तैयार है, अमेरिका मदद के लिए तैयार है और ईरान भी अच्छे संबंध रखना चाहता है। दुनिया में भले ही अंदरूनी मतभेद हों, लेकिन भारत के साथ सभी का सहयोग है। यह देश की बढ़ती ताकत का संकेत है।
यूक्रेन युद्ध का भी दिया उदाहरण
वार्ड नंबर 12 की सभा में उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों की वापसी का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि छात्रों को तिरंगा लेकर निकलने की सलाह दी गई थी, जिससे उन्हें सुरक्षित बाहर आने में मदद मिली। उन्होंने इसे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया।
कोरोनाकाल और वैक्सीनेशन पर भी अपनी बात रखी
कोरोना महामारी के समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पहले देश में सिर्फ एक लैब थी, जो अब हजारों में पहुंच गई है। उन्होंने वैक्सीन को लेकर फैलाई गई अफवाहों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ लोग सरकार को बदनाम करने के लिए लोगों को गुमराह कर रहे थे, लेकिन सरकार ने मुफ्त टीकाकरण और करोड़ों कनेक्शन देकर देश को सुरक्षित किया।
महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र किया
उन्होंने महिलाओं की सुविधाओं पर बात करते हुए कहा कि ‘इज्जत घर’ (शौचालय) और ‘नल से जल’ जैसी योजनाओं ने महिलाओं का जीवन आसान बनाया है। गैस कनेक्शन से धुएं में खाना बनाने की समस्या भी खत्म हुई है।
रुपाला का लोकतंत्र के पर्व में मतदान की अपील
रुपाला ने लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व पर सभी मतदाताओं से 26 तारीख को सुबह जल्दी मतदान करने और उसकी तस्वीरें-वीडियो साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली में बैठे मोदीजी को पता चलेगा कि सूरत की जनता उनके समर्थन में खड़ी है।

