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सूरत: ठगों ने 'हरि भक्तों' को भी नहीं बख्शा! फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 14 लोगों से करोड़ों की ठगी, 3 गिरफ्तार
सूरत में एक बार फिर ऑनलाइन निवेश के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। सूरत के मोटा वराछा इलाके में एक और पोंजी स्कीम का पर्दाफाश हुआ है। एपिक इनोवेशन LLP नाम की फर्म खोलकर फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर ऊंचा रिटर्न देने का लालच देकर सोलंकी परिवार के पिता-पुत्र और पुत्री तथा एक साझेदार ने स्वामीनारायण संप्रदाय के 14 हरि भक्तों को झांसा देकर 2.05 करोड़ रुपये की ठगी कर ली थी। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पूरे मामले में उत्राण पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है।
डभोली चार रास्ता स्थित स्वामीनारायण नगर में रहने वाले अनिलभाई रामजीभाई बलर ऑनलाइन कपड़ों का व्यापार करते हैं। वह स्वामीनारायण संप्रदाय से जुड़े हुए हैं। वह नियमित रूप से डभोली स्थित स्वामीनारायण मंदिर जाते थे। मंदिर में अशोक मुलजी सोलंकी, उनका पुत्र जय और पुत्री ज्योति भी आते थे, जिससे परिचय हुआ था। सोलंकी परिवार मंदिर में हरि भक्तों को काजू-बादाम का प्रसाद बांटकर दिखावा करता था। इस तरह वे हरि भक्तों को आकर्षित करने की कोशिश करते थे। मार्च 2024 में अशोक सोलंकी और जय सोलंकी ने मंदिर में अनिलभाई से बातचीत कर उनका विश्वास जीता था। इसके बाद अपनी एपिक इनोवेशन LLP नाम की साझेदारी फर्म बताकर उन्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग की स्कीम समझाई थी।
फॉरेक्स में निवेश करने पर हर महीने 4-5 प्रतिशत रिटर्न देने का लालच दिया गया था। व्यापारी अनिल बलर की शिकायत के आधार पर उत्राण पुलिस ने अशोक मुलजीभाई सोलंकी, उनके पुत्र जय, पुत्री और साझेदार ऋषि पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इको सेल के PI चौहान ने जांच करते हुए जय सोलंकी और उसकी बहन ज्योति को गिरफ्तार कर लिया है और उनका दो दिन का रिमांड भी लिया था। मुख्य आरोपी अशोक सोलंकी को भी
रात भावनगर से पकड़ लिया गया था। सोलंकी पिता-पुत्र ने मोटा वराछा के लजामणी चौक स्थित मेरिडियन बिजनेस सेंटर में नई ऑफिस के उद्घाटन समारोह में अनिल बलर को बुलाकर उनका विश्वास जीता था। जब अनिल बलर उद्घाटन में गए, तब उन्हें पता चला कि फर्म का एक और साझेदार ऋषि पटेल भी है। यहां निवेश की लुभावनी स्कीम समझाई गई थी। अनिलभाई ने टुकड़ों में कुल 35 लाख रुपये का निवेश किया था।
न्यूज़18 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को हर महीने 4 से 5 प्रतिशत तक के सुनिश्चित मुनाफे का वादा किया था। शुरुआत में कुछ निवेशकों को छोटी रकम पर रिटर्न देकर विश्वास जीता गया था। इस तरह धीरे-धीरे लोगों को बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। जब आरोपियों के पास लाखों रुपये की बड़ी रकम इकट्ठा हो गई, तब अचानक उनकी ऑफिस बंद कर दी गई और सभी आरोपी फरार हो गए। जब निवेशक ऑफिस पहुंचे, तब उन्हें ठगे जाने का पता चला, जिससे हड़कंप मच गया।
इस मामले में उत्राण पुलिस ने अशोक मूलजीभाई सोलंकी, जय सोलंकी और ज्योति सोलंकी को गिरफ्तार किया है। जबकि इस घोटाले का साझेदार ऋषि सुरेशभाई पटेल फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, इस ठगी का आंकड़ा अभी और बढ़ने की संभावना है। आशंका जताई जा रही है कि और भी लोग इस घोटाले का शिकार हुए हैं। पुलिस ने लोगों से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का रिमांड लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। यह गिरोह अन्य शहरों में भी इसी तरह का घोटाला चला रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सोलंकी परिवार ने लुभावनी स्कीम देकर 40-50 लोगों से करीब 40 करोड़ रुपये ठगने की बात सामने आई है। पीड़ितों में विधवा महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ दिनों बाद जांच में यह भी सामने आया कि केवल अनिलभाई ही नहीं, बल्कि अन्य लगभग 13 निवेशकों ने भी इस ठग गिरोह की बातों में आकर लाखों रुपये गंवाए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ज्यादा मुनाफे के लालच में आकर अनजान प्लेटफॉर्म पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निवेश से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना बहुत जरूरी है।

