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गुजरात निकाय चुनाव: चुनाव प्रचार का शोर आज थम जाएगा, अंतिम दिन सभी पार्टियों ने झोंकी अपनी पूरी ताकत
मुख्यमंत्री पटेल बोले- इस बार का परिणाम पिछली बार से ज्यादा बेहतर होगा
अहमदाबाद। गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के प्रचार का आज आखिरी दिन है। प्रचार थमने से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल- भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। राज्यभर में जगह-जगह रैलियां और सभाएं आयोजित की जा रही हैं। भाजपा को अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने की चुनौती है। वह अपनी साख बचाने और पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा ने जहां अपने बड़े-बड़े नेताओं को चुनाव प्रचार में उतार रखा है, वहीं चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में खुद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मोर्चा संभाला है। खासकर उन सीटों पर जहां पिछली बार भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। पिछली दो दिनों में उन्होंने सूरत समेत अहमदाबाद में रोड शो कर जीत का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बार अहमदाबाद में पिछली बार की तुलना में बेहतर परिणाम मिलेंगे। इस तरह स्थानीय निकाय चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन गुजरात का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है। सभी दल अपनी जीत के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि मतदाताओं का रुझान किस ओर जाता है, यह चुनाव परिणामों में ही स्पष्ट होगा जोकि 28 अप्रैल को आएगा।
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बड़े-बड़े दिग्गज मैदान में
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन जहां सभी बड़ी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं नामी चेहरे भी प्रचार में उतर गए हैं। दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी जहां अहमदाबाद के अमराईवाड़ी में मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं राजकोट में आप नेता मनीष सिसोदिया अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। इसके अलावा अन्य बड़े नेता भी मतदाताओं को लुभाने में लगे हुए हैं।
जनता भाजपा से परेशान हो चुकी है- मनीष सिसोदिया
राजकोट पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गुजरात और राजकोट की जनता भाजपा की गुलाम नहीं है। हवालाकांड में भाजपा नेताओं की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्होंने पूरे दिन के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की चुनौती दी। सिसोदिया ने दावा किया कि जनता भाजपा से परेशान हो चुकी है और आने वाले चुनाव में आप एक मजबूत विकल्प बनकर पूर्ण बहुमत हासिल करेगी।
इधर, वराछा में आप को बड़ा झटका
सूरत के राजनीतिक माहौल में फिर से हलचल तेज हो गई है। बड़े वराछा के निर्मलनगर क्षेत्र में आप को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के कई समर्थकों ने भाजपा का दामन थाम लिया। अल्पेश कथीरिया की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। वराछा, लसकाना और सरथाणा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग भाजपा में शामिल हुए हैं। साथ ही स्थानीय लोगों ने बैनर लगाकर यह संदेश दिया कि वे आप या कांग्रेस को वोट नहीं देंगे।
अहमदाबाद: असारवा गांव में चुनाव बहिष्कार की चेतावनी, भाजपा मुश्किल में
अहमदाबाद के असारवा गांव में चुनाव को लेकर विरोध देखने को मिला है। गांव में लगाए गए बैनरों में कहा गया है कि भाजपा ने स्थानीय व्यक्ति को टिकट नहीं दिया, इसलिए गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे। साथ ही प्रचार के लिए आने वाले नेताओं का विरोध करने की चेतावनी भी दी गई है। बैनर में भाजपा का प्रतीक चिह्न कमल पर क्रॉस का निशान भी बनाया गया है। बैनर में यह भी लिखा है कि क्षेत्र सीसीटीवी निगरानी में है, इसलिए कोई भी व्यक्ति बैनर हटाने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो उसकी पहचान हो जाएगी।
परषोत्तम सोलंकी: आधी रात को भी मेरे दरवाजे जनता के लिए खुले हैं
भावनगर में भाजपा नेता और मंत्री परषोत्तम सोलंकी की अध्यक्षता में ‘विजय विश्वास बैठक’ आयोजित की गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। सभा में सोलंकी ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि आपका भाई यहां बैठा है, चिंता मत करो। अगर आधी रात को भी कोई परेशानी हो तो मेरे बंगले पर आ जाना। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मजबूत रहने और अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने का संदेश दिया।
मुकुल वासनिक का भाजपा पर हमला: लोकतंत्र को कमजोर कर रही है
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात प्रभारी मुकुल वासनिक ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पुलिस शक्ति का दुरुपयोग कर रही है और जनता के बीच जाने में असमर्थ होने के कारण चुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिश कर रही है। महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए वासनिक ने कहा कि संसद में जो बिल पेश किया गया, वह वास्तविक महिला आरक्षण बिल नहीं बल्कि परिसीमन से जुड़ा बिल था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने देश को गुमराह किया है।
मुकुल वासनिक ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में महिलाओं को स्थान नहीं दिया जाता और यह केवल पुरुषों का संगठन है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और जनसंघ ने कभी महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया, जबकि संविधान लागू होने के बाद से कांग्रेस ने महिलाओं को प्राथमिकता दी है।

