शंकरभाई चौधरी: जिन्होंने पशुपालन, कृषि, सहकारिता और राजनीति में अपनी ज़िम्मेदारियां निभाकर बदली कई लोगों की तकदीर

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(उत्कर्ष पटेल)

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और बनासकांठा जिले के थराद विधानसभा क्षेत्र के विधायक शंकरभाई लाघडीरभाई चौधरी एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने पशुपालन, खेती, सहकारी और राजनीति में अपनी जिम्मेदारी निभाकर कई लोगों का जीवन सुधारा है। किसान परिवार में जन्मे शंकरभाई ने बचपन से ही मेहनत और सादगी का पाठ सीखा।

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सहकारी क्षेत्र में शंकरभाई का कार्य उल्लेखनीय है। 2015 से वे बनास डेयरी के अध्यक्ष हैं। यह डेयरी एशिया की बड़ी सहकारी संस्था है। उनके नेतृत्व में डेयरी का वार्षिक कारोबार 20000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। प्रतिदिन एक करोड़ लीटर से अधिक दूध का संग्रह होता है। किसानों को अच्छा मूल्य मिले, गाय-भैंस के लिए लोन मिले, आधुनिक प्रजनन केंद्र बनें और महिलाओं की आय बढ़े। ऐसे कार्यक्रम उन्होंने आगे बढ़ाए हैं। बनास काशी संकुल जैसे प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश में शुरू करके उन्होंने गुजरात की सहकारी व्यवस्था को अन्य राज्यों तक पहुंचाया है। गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के वाइस चेयरमैन के रूप में भी वे कार्यरत हैं। यह सब कार्य उनकी निरंतर मेहनत और किसानों के प्रति चिंता का परिणाम है।

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उनका व्यक्तित्व सरल और जिम्मेदार है। 27 वर्ष की उम्र में राधनपुर से चुनाव लड़कर वे राजनीति में आए। पहली बार हार गए, लेकिन उनके साहस ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। 1998 में जीते और तब से लगातार लोगों की सेवा कर रहे हैं। आज वे चौधरी समाज और OBC वर्ग में एक स्वीकार्य नाम हैं। थराद और वाव क्षेत्र के लोग उन्हें अपने सेवक के रूप में पहचानते हैं। जल संचयन के कार्य, 325 तालाब बनाने के प्रयास उनकी दूरदृष्टि को दर्शाते हैं।

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सामाजिक कार्य में शंकरभाई ने अच्छा योगदान दिया है। आंजणा चौधरी समाज में अनावश्यक खर्च कम करके शिक्षा और आर्थिक सुधार पर ध्यान दिया। बनास करियर अकादमी के माध्यम से युवाओं को GPSC और UPSC की तैयारी के लिए मुफ्त मार्गदर्शन दिया जाता है। डेयरी के कार्य से महिलाओं को लाखों रुपये की आय होती है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं। बनासकांठा में सभी जातियों के लोगों के हित में काम करने का उनका प्रयास सर्वसमावेशी है। इन कार्यों के माध्यम से उन्होंने सहकारिता की मदद से समृद्धि का मार्ग दिखाया है।

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राजनीतिक जिम्मेदारी में भी वे अनुभवी हैं। आनंदीबेन पटेल की सरकार में स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, शहरी विकास और परिवहन जैसे विभागों के राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। 2022 में थराद से बहुमत से जीते और विधानसभा के अध्यक्ष बने। इस पद पर वे सभी पक्षों के सम्मान के साथ निष्पक्षता से जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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शंकरभाई चौधरी का जीवन मेहनत, समर्पण और किसानों के कल्याण का उदाहरण है। खेती से सहकारी सेवा कार्य तक की उनकी जीवन यात्रा युवाओं को सीख देती है। थराद क्षेत्र में विकास और शिक्षा के कार्यों से वे लोगों के मन में स्थान बना पाए हैं। ऐसे सेवक समाज के लिए उपयोगी हैं और युवा पीढ़ी को समाज के लिए समर्पण भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।

(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवक और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)

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