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कमलभाई तुलसियान: सफल टेक्सटाइल उद्योगपति ही नहीं बल्कि समाजसेवक, बैंकिंग क्षेत्र के मार्गदर्शक और उद्योग के हितरक्षक
(उत्कर्ष पटेल)
सूरत भारत का टेक्सटाइल कैपिटल है, यहां अनेक उद्योगपतियों ने अपनी मेहनत और दूरदर्शिता से विश्व में नाम कमाया है। ऐसे ही सफल और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों में कमलभाई तुलसियान (कमलविजय रामचंद्र तुलसियान) का नाम अग्रणी है। वे केवल एक सफल टेक्सटाइल उद्योगपति ही नहीं बल्कि समाजसेवक, बैंकिंग क्षेत्र के मार्गदर्शक और उद्योग के हितरक्षक भी हैं। उनका जीवन यह साबित करता है कि सच्ची सफलता तब ही मिलती है जब व्यवसाय को समाजसेवा के साथ जोड़ा जाता है।
कमलभाई ने अपनी करियर की शुरुआत बहुत ही साधारण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से की थी। सूरत के पांडेसरा GIDC क्षेत्र में उन्होंने J. R. Dyeing & Printing Mills Pvt. Ltd. की स्थापना की, जो आज सूरत की सबसे पुरानी और विश्वसनीय साड़ी उत्पादन तथा प्रोसेसिंग कंपनियों में गिनी जाती है। डाइंग, प्रिंटिंग और टेक्सचराइजिंग जैसे क्षेत्रों में उनकी कंपनी गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने उद्योग को आधुनिक बनाने के लिए पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाई और श्रमिकों के कल्याण के लिए समय-समय पर विभिन्न कदम उठाते रहते हैं। आज उनकी कंपनी में परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर वे व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं।

कमलभाई का व्यक्तित्व तब और अधिक प्रभावशाली बन जाता है जब वे व्यवसाय को समाजसेवा से जोड़ते हैं। वे The Sutex Co-operative Bank Ltd. के चेयरमैन के रूप में सक्रिय हैं। यह बैंक सूरत के टेक्सटाइल उद्योग और छोटे-मध्यम व्यापारियों के लिए आर्थिक सहारा प्रदान करता है। उनके नेतृत्व में बैंक ने शिक्षा ऋण, व्यावसायिक ऋण और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इसके अलावा वे Pandesara Industrial Cooperative Society के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने कई टेक्सटाइल यूनिट्स के हितों की रक्षा की। Southern Gujarat Textile Processors Association (SGTPA) और Surat Mega Textile Processing Park Association में उनकी भूमिका उद्योग के विकास के लिए अमूल्य रही है। Southern Gujarat Chamber of Commerce & Industry (SGCCI) में संरक्षक और मैनेजिंग कमिटी सदस्य के रूप में उन्होंने व्यापारियों के हितों के मुद्दों पर हमेशा निर्भीकता से अपनी बात रखी है।

कमलभाई की एक विशेषता यह है कि वे कभी भी संकट से दूर नहीं भागते। 1994 के प्लेग, 2020 की कोविड महामारी और अन्य कठिन समयों में उन्होंने श्रमिकों के पलायन, उद्योग के अस्तित्व को बचाने और समाज की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय करके उन्होंने हमेशा कई परिवारों को आर्थिक और भावनात्मक सहयोग दिया। ऐसे विशेष कार्य उन्हें एक उद्योगपति से समाजसेवक बनाते हैं।
आज लगभग 74 वर्ष की आयु में भी वे एक युवा उद्योगपति की तरह दैनिक दिनचर्या में व्यस्त रहते हैं। वे हमेशा स्पष्टवक्ता रहे हैं। चाहे राजनेता हों या उच्च अधिकारी, वे उनके साथ उद्योग के हितों की स्पष्ट बात करने में कभी संकोच नहीं करते। आज भी वे सादा जीवन जीते हैं और श्रमिकों को परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक पर जोर देकर कपड़ा उद्योग को स्थिर और प्रगतिशील बनाने के लिए वे हमेशा प्रयासरत रहते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़े सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता बनी हुई है।

कमलभाई तुलसियान की कार्यशैली हमें सिखाती है कि सफलता केवल अपने लिए नहीं बल्कि समाज के लिए होती है। वे व्यक्तिगत रूप से मानते हैं कि व्यवसाय और सेवा को जोड़कर ही वास्तविक सफल जीवन जिया जा सकता है। "सफलता वह है जो सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का नाम है"। यह वाक्य उनके जीवन में साकार होता है। सूरत के ऐसे सेवाभावी व्यक्तित्व युवा उद्योगपतियों को हमेशा प्रेरणा देते रहें, यही आशा है।
(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवक और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)

