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TVK के विधायकों को 70 करोड़ रुपये का ऑफर! मंत्री के दावे से तमिलनाडु की राजनीति में हलचल
तमिलनाडु की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दरअसल, राज्य के कानून और बिजली मंत्री निर्मल कुमार ने दावा किया है कि DMK और AIADMK दोनों पार्टियों के लोग TVK विधायकों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें रिश्वत देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री के मुताबिक, कुछ विधायकों को 60 से 70 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद से ही इस तरह की कोशिशें लगातार जारी हैं। पुलिस ने दोनों पार्टियों से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें करूर के कुछ प्रमुख लोग भी शामिल हैं। मंत्री ने जोर देकर कहा कि TVK का कोई भी विधायक पैसों के लिए पार्टी नहीं बदलेगा।

निर्मल कुमार ने आरोप लगाया कि सिर्फ AIADMK के विधायक ही नहीं, बल्कि DMK से जुड़े लोगों की भी पहले गिरफ्तारी हो चुकी है। चुनाव के बाद से वे TVK विधायकों से संपर्क करने और उन्हें रिश्वत देने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। ऐसी घटनाएं कई जगहों पर हुई हैं। उनका कहना है कि ये कोशिशें नई नहीं हैं। इससे पहले भी दोनों द्रविड़ पार्टियों के सदस्यों पर इस तरह के आरोप लग चुके हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। राज्य विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जगह बनाई। हालांकि, वह अपने दम पर बहुमत हासिल करने में नाकाम रही। इसके बाद पार्टी ने कांग्रेस और कई क्षेत्रीय दलों के समर्थन से सरकार बनाई। TVK की सरकार इसी समर्थन के दम पर चल रही है। ऐसे में अगर कुछ विधायक पार्टी छोड़ते हैं, तो सरकार की स्थिति पर असर पड़ सकता है। मंत्री का दावा है कि विपक्षी दल इसी कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, DMK ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी के प्रवक्ता TKS एलंगोवन ने कहा कि पार्टी ने किसी भी TVK विधायक को पैसे नहीं दिए हैं। इसके बजाय उन्होंने TVK पर सत्ता में बने रहने के लिए विधायकों को खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इस दौरान DMK नेता ने AIADMK के 6 मौजूदा विधायकों का जिक्र किया, जिन्होंने पार्टी से इस्तीफा देकर TVK का दामन थाम लिया। उन्होंने कहा कि इन इस्तीफों और TVK के 'सोफा मॉडल' से साफ पता चलता है कि सत्ताधारी पार्टी को फायदा हुआ है। DMK का दावा है कि TVK विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों से बचने के लिए दूसरों पर दोष मढ़ रही है।

जुलाई में तमिलनाडु पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया था। उन पर TVK के एक विधायक को पैसों का ऑफर देने और प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के खिलाफ मतदान करने के लिए मनाने का आरोप था। यह मामला उस समय सामने आया था, जब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा चल रही थी। मंत्री निर्मल कुमार का कहना है कि इस तरह की कोशिशें अब भी जारी हैं और पुलिस इन पर नजर रख रही है।

