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सूरत का 39 वर्षीय पाटीदार युवक रूस में 4 महीने से लापता, पत्नी को फोन कर कहा था- बॉर्डर पर जा रहा हूं, नेटवर्क नहीं मिलेगा
सूरत का रहने वाला 39 वर्षीय रमणीक सखवाला रोजगार की तलाश में रूस गया था। बाद में वह रूसी सेना में शामिल हो गया। हालांकि, पिछले 4 महीनों से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। उससे संपर्क नहीं होने के कारण परिवार की चिंता बढ़ गई है। 24 जून को उसने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि वह रूसी सेना में शामिल हो गया है और बॉर्डर पर जा रहा है। वहां नेटवर्क नहीं मिलेगा। जैसे ही नेटवर्क मिलेगा, वह खुद फोन करेगा। अगर परिवार को कोई काम हो तो वे उसके ट्रेनर अर्जुन से संपर्क कर सकते हैं। इस बातचीत को 4 महीने बीत चुके हैं, लेकिन रमणीक का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। सूरत में रहने वाले उसके परिवार ने इस मामले में गुजरात सरकार, केंद्र सरकार, भारतीय दूतावास और रूसी दूतावास से मदद की गुहार लगाई है।
रमणीक मूल रूप से अमरेली जिले का रहने वाला है। उसका परिवार पिछले 35 वर्षों से सूरत के कतारगाम में रह रहा है। हीरा उद्योग में मंदी और अनिश्चितता के कारण रोजगार के नए अवसर तलाशने के लिए वह विजिटर वीजा पर रूस गया था। वहां उसने रोजमर्रा के खर्च निकालने के लिए छोटी-मोटी नौकरियां शुरू की थीं। शुरुआत में उसका अप्रैल महीने में सूरत लौटने का विचार था, लेकिन उचित काम नहीं मिलने और आर्थिक परेशानियों के कारण वह वापस नहीं आ सका। इसी दौरान उसे रूसी सेना में सपोर्ट स्टाफ के तौर पर काम करने का ऑफर मिला, जिसके बाद वह जून महीने में सेना में शामिल हो गया।
परिवार को मिली जानकारी के मुताबिक, मिलिट्री कैंप में अर्जुन नाम का एक श्रीलंकाई ट्रेनर युवाओं को ट्रेनिंग देता था। रमणीक ने अपने परिवार को अर्जुन का नंबर दिया था और कहा था कि अगर उससे संपर्क नहीं हो तो अर्जुन से जानकारी ले लेना। शुरुआती डेढ़ से दो महीने तक ट्रेनर अर्जुन परिवार के संपर्क में रहा और सामान्य जानकारी देता रहा। लेकिन इसके बाद उसने टालमटोल वाले जवाब देने शुरू कर दिए। उसने कहा कि उसका ट्रांसफर हो गया है और वह वहां से जा चुका है। अब रमणीक का मोबाइल फोन बंद आ रहा है और उसका वॉट्सऐप भी बंद हो गया है।
परिवार का मुखिया अचानक लापता होने से सूरत का सखवाला परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। रमणीक के बुजुर्ग पिता कालूभाई खेती से जुड़े हैं। शुरुआत में उन्हें बेटे के लापता होने की जानकारी भी नहीं दी गई थी। वहीं, घर का खर्च चलाने और 16 वर्षीय बेटे हेमिल की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए पत्नी शीतलबेन को सिलाई का काम शुरू करना पड़ा है। परिवार के पास रूसी सेना में भर्ती से जुड़े कुछ पोस्टर और पासपोर्ट की जानकारी मौजूद है। इनके आधार पर परिवार अपने बेटे, पति और पिता की तलाश में लगातार प्रयास कर रहा है।
रमणीक के भाई महेशभाई सखवाला ने बताया, "मेरा भाई पिछले डेढ़ साल से रूस में था और जून महीने में उसने मिलिट्री जॉइन की थी। शुरुआती 20 दिनों तक उससे संपर्क बना रहा, लेकिन इसके बाद पिछले 4 महीनों से कोई संपर्क नहीं हुआ है। भाभी से आखिरी बार बात करते समय उसने कहा था कि नेटवर्क मिलने पर वह खुद फोन करेगा। हमने भारत में रूसी दूतावास, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास, PMO कार्यालय, विदेश मंत्रालय और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तक अपनी शिकायत पहुंचाई है। लेकिन अभी तक वहां से सिर्फ यही जवाब मिल रहा है कि मामले की जांच चल रही है।"
रमणीक की पत्नी शीतलबेन ने बताया, "आखिरी बार 24 जून को बात हुई थी। तब उसने कहा था कि आज से हमारी ट्रेनिंग शुरू हो रही है। इसलिए कुछ समय तक नेटवर्क की समस्या रहेगी। नेटवर्क मिलने पर वह तुरंत फोन करेगा। उसने बताया था कि हमें सिर्फ फूड ट्रांसफर का काम करना है। मैंने पूछा था कि क्या युद्ध में जाना है? तो उसने मना करते हुए कहा था कि ऐसा कुछ नहीं है। हालांकि, एक दिन उसने बताया था कि सुरक्षा के लिए उसे बंदूक चलाना सिखाया गया है। उसने अपने श्रीलंकाई ट्रेनर अर्जुन का नंबर दिया था। उसने यह भी बताया था कि उसका बैंक कार्ड अर्जुन के पास ही है।"
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के दौरान भारतीय नागरिकों को आकर्षक नौकरियों का लालच देकर खतरनाक इलाकों में भेजने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। रमणीक के मामले में भी परिवार को आशंका है कि फूड सप्लाई और सपोर्ट स्टाफ के काम का झांसा देकर उसे युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया होगा।
फिलहाल परिवार केंद्र सरकार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से मदद की गुहार लगा रहा है। परिवार की मांग है कि रूसी अधिकारियों से उच्च स्तर पर बातचीत कर रमणीक का पता लगाया जाए और उसे सुरक्षित भारत वापस लाने में मदद की जाए।
करीब 10 महीने पहले मोरबी के एक युवक का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें उसने यूक्रेन की जेल में फंसे होने और रूस में उसके साथ धोखा होने की बात कही थी। मोरबी में रहने वाली युवक की मां भी अपने बेटे को वापस लाने के लिए लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रही हैं।

