- Hindi News
- राजनीति
- बैठक से 3 सांसद गायब, फोन भी बंद... क्या उद्धव ठाकरे के साथ होने वाला है बड़ा खेल?
बैठक से 3 सांसद गायब, फोन भी बंद... क्या उद्धव ठाकरे के साथ होने वाला है बड़ा खेल?
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना UBT) गुट की धड़कनें बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने मुंबई स्थित निवास ‘मातोश्री’ में सभी पार्टी सांसदों की एक महत्वपूर्ण और आपात बैठक बुलाई थी। हालांकि, इस अहम बैठक के शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही शिरडी लोकसभा सीट के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे अनुपस्थित रहे। अन्य दो सांसद भी बैठक में शामिल नहीं हो सके।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में मौजूद अपने सभी सांसदों को तत्काल मुंबई पहुंचने का निर्देश दिया था। यह बैठक दोपहर 12:30 बजे मातोश्री में निर्धारित की गई थी। आगामी राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करने और अगले संसद सत्र के लिए रणनीति बनाने के उद्देश्य से यह बैठक बुलाई गई है।
सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे का मोबाइल फोन सुबह से बंद है। सूत्रों के मुताबिक, वाकचौरे पिछले दो दिनों से अपने परिवार के साथ कहीं घूमने गए हैं। फिलहाल उनके शिरडी स्थित निवास पर भी कोई मौजूद नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनके निजी सहायक भी उनके साथ नहीं हैं और उन्हें लेकर कोई जानकारी नहीं मिल रही है। यह स्थिति वाकचौरे के अचानक गायब होने के रहस्य को और गहरा कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वे इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे या नहीं।
सूत्रों का कहना है कि संजय जाधव और नागेश पाटिल अष्टीकर के साथ इन तीनों ने अपनी पार्टी को सूचित किया है कि कुछ जरूरी कारणों से वे आज उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 9 सदस्य हैं, जबकि संजय राउत राज्यसभा में उनके एकमात्र सदस्य हैं। इनमें से कितने सदस्य बैठक में शामिल होंगे, यह सवाल अभी भी बना हुआ है।
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस समय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर जोरदार चर्चा चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उद्धव ठाकरे ने इसी ऑपरेशन के डर से जल्दबाजी में यह बैठक बुलाई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (UBT) गुट के कुल 9 सांसद लोकसभा चुनाव जीतकर आए थे। पिछले कुछ दिनों से सत्तारूढ़ दल और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता दावा कर रहे हैं कि उद्धव गुट के 9 सांसदों में से कम से कम 7 उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। इन सांसदों के पार्टी बदलकर शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों ने अफवाहों को और हवा दे दी है। यही कारण है कि उद्धव ठाकरे अपने इस समूह को एकजुट रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
उद्धव ठाकरे के लिए इस लिटमस टेस्ट जैसी बैठक में शामिल होने के लिए जिन लोकसभा सांसदों को निर्देश दिया गया है, उनमें संजय देशमुख, नागेश पाटिल, संजय जाधव, राजाभाऊ वाजे, अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दीना पाटिल, भाऊसाहेब वाकचौरे और ओमराजे निंबालकर शामिल हैं।
यदि भाऊसाहेब वाकचौरे इस बैठक में शामिल नहीं होते हैं, तो यह शिवसेना (UBT) के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है और महाराष्ट्र में शिवसेना में एक और विभाजन की अफवाहें फिर से तेज हो सकती हैं। फिलहाल मातोश्री में गतिविधियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक जानकार लगातार बदलते घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

