गुजरात में बड़े ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले का पर्दाफाश: बिना टेस्ट दिए अन्य राज्यों से जारी हुए 3,000 से अधिक फर्जी लाइसेंस

Hindi Khabarchhe Picture
On

गुजरात में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन और सेंसर आधारित ऑटोमैटिक ट्रैक सिस्टम सक्रिय होने के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन कड़े नियमों और टेस्ट से बचने के लिए कुछ तत्वों ने शॉर्टकट अपनाकर एक बड़े अंतरराज्यीय घोटाले को अंजाम दिया है। गुजरात के कुछ आरटीओ (RTO) एजेंटों ने राजस्थान और पूर्वोत्तर (उत्तर-पूर्वी) राज्यों के आरटीओ अधिकारियों के साथ साठगांठ करके गुजरात के लोगों को वहां भेजे बिना ही बड़े पैमाने पर फर्जी पते पर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करवा दिए हैं। यह घोटाला परिवहन कमिश्नर के संज्ञान में आते ही पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है और इस संबंध में सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

कैसे दिया जाता था इस पूरे घोटाले को अंजाम?

जांच में सामने आया है कि एजेंटों द्वारा कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया जाता था:

1. दस्तावेजों का दुरुपयोग: गुजरात में रहने वाले आवेदक का मूल पहचान पत्र [आधार कार्ड] और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (LC) अन्य राज्यों के आरटीओ में भेजा जाता था।
2. फर्जी पता: लाइसेंस बनवाते समय आवेदक का नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण तो सही रखे जाते थे, लेकिन संबंधित राज्य का कोई भी एक फर्जी (गलत) पता दर्ज कर दिया जाता था।
3. बिना ड्राइविंग टेस्ट के पक्का लाइसेंस: इस गलत पते के आधार पर पहले कच्चा (लर्निंग) लाइसेंस जारी करवाया जाता था। इसके बाद, बिना किसी ड्राइविंग टेस्ट के सीधे पक्का ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराकर गुजरात में रहने वाले व्यक्ति को भेज दिया जाता था।
4. गुजरात में ट्रांसफर का खेल: अन्य राज्य का पक्का लाइसेंस हाथ में आने के बाद, वह व्यक्ति गुजरात के आरटीओ में 'पता बदलने' (Address Change) के लिए आवेदन करता था, ताकि वह लाइसेंस आधिकारिक तौर पर गुजरात का हो जाए।
सेंसर आधारित आरटीओ ट्रैक का डर और जोधपुर कनेक्शन
MAtter 2

गुजरात के अहमदाबाद सहित विभिन्न जिलों में आरटीओ ट्रैक पूरी तरह से सेंडर बेस्ड (ऑटोमैटिक) हैं, जिसके कारण अधिकांश लोग ड्राइविंग टेस्ट पास नहीं कर पाते हैं। इसी मुश्किल का फायदा उठाकर गुजरात के कुछ आरटीओ एजेंटों ने राजस्थान, सिक्किम, मणिपुर और असम जैसे राज्यों के आरटीओ अधिकारियों के साथ साठगांठ कर यह बड़ा घोटाला शुरू किया। सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले का मुख्य केंद्र राजस्थान का जोधपुर आरटीओ है, जहां से सबसे अधिक संख्या में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए हैं।

एक लाइसेंस के 20 हजार: जालसाजों ने वसूला मोटा चार्ज

इस अवैध शॉर्टकट के लिए धोखेबाज एजेंट वाहन चालकों से मोटी रकम वसूल रहे थे। एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ₹20,000 तक का चार्ज लिया जाता था। सामने आई जानकारियों के मुताबिक, इस पैटर्न से अब तक 3,000 से अधिक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराकर गुजरात में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
MAtter 3

परिवहन कमिश्नर के सख्त आदेश: दर्ज होगा मुकदमा और लाइसेंस होंगे रद्द

पिछले कुछ समय से अहमदाबाद सहित गुजरात के विभिन्न शहरों में अन्य राज्यों के लाइसेंस में पता बदलकर गुजरात का पता करने के आवेदनों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई थी। इन संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के कमिश्नर द्वारा गहन जांच के आदेश दिए गए थे, जिसके बाद इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ।

 नए कड़े निर्देश:
 परिवहन कमिश्नर द्वारा स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि वर्तमान में अन्य राज्यों से जारी किए गए ड्राइविंग लाइसेंस का पता बदलने के लिए आए सभी आवेदनों की बारीकी से जांच की जाए। यदि जांच के दौरान किसी भी लाइसेंस में कोई भी संदिग्ध या गलत जानकारी मिलती है, तो उस लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाएगा। साथ ही, फर्जी लाइसेंस प्राप्त करने वाले व्यक्ति और संबंधित एजेंट के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

About The Author

More News

गुजरात में बड़े ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले का पर्दाफाश: बिना टेस्ट दिए अन्य राज्यों से जारी हुए 3,000 से अधिक फर्जी लाइसेंस

Top News

गुजरात में बड़े ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले का पर्दाफाश: बिना टेस्ट दिए अन्य राज्यों से जारी हुए 3,000 से अधिक फर्जी लाइसेंस

गुजरात में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन और सेंसर आधारित ऑटोमैटिक ट्रैक सिस्टम सक्रिय होने के कारण वाहन...
राष्ट्रीय  
गुजरात में बड़े ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले का पर्दाफाश: बिना टेस्ट दिए अन्य राज्यों से जारी हुए 3,000 से अधिक फर्जी लाइसेंस

इथेनॉल ब्लेंड ईंधन से बढ़ी चिंता, 43% लोगों ने नई गाड़ी खरीदने का फैसला टाल सकते हैं

भारत में इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को बढ़ावा देने की सरकार की पहल अब ग्राहकों पर असर डाल रही है। यह...
बिजनेस 
इथेनॉल ब्लेंड ईंधन से बढ़ी चिंता, 43% लोगों ने नई गाड़ी खरीदने का फैसला टाल सकते हैं

अब सूरत में पहला वर्ष पढ़कर विदेश से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं विद्यार्थी

वैश्विक शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब छात्र अपने शहर में रहकर डिग्री का पहला वर्ष...
चर्चा पत्र 
अब सूरत में पहला वर्ष पढ़कर विदेश से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं विद्यार्थी

प. बंगाल: टीएमसी में आखिरी कील? कल्याण बनर्जी ने ममता से बोले- 'अभिषेक या मुझे, दोनों में से किसी एक को चुनिए'

प. बंगाल में 15 साल से सत्ता की कमान संभाल रही ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस मुश्किलों में...
राजनीति 
प. बंगाल: टीएमसी में आखिरी कील? कल्याण बनर्जी ने ममता से बोले- 'अभिषेक या मुझे, दोनों में से किसी एक को चुनिए'

बिजनेस

Copyright (c) Khabarchhe All Rights Reserved.