- Hindi News
- राष्ट्रीय
- लातूर: मजबूरी में बनी 'बैल'! खेती बचाने के लिए किसान की पत्नी ने खुद खींचा हल, वायरल वीडियो देख पसी...
लातूर: मजबूरी में बनी 'बैल'! खेती बचाने के लिए किसान की पत्नी ने खुद खींचा हल, वायरल वीडियो देख पसीजा सरकार का दिल
महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश की आंखों में आंसू ला दिए हैं। एक लाचार और बेसहारा किसान ने प्रकृति के प्रकोप के आगे हार मानने के बजाय बैल की जगह अपनी पत्नी से खेत जोतने का काम करवाया। इस दर्दनाक स्थिति का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही सरकार भी हरकत में आ गई और परिवार की मदद के लिए आगे बढ़ी।
यह मार्मिक कहानी महाराष्ट्र के लातूर जिले के देवनी तहसील के बोंबाली खुर्द गांव की है। काशीनाथ गायकवाड़, एक भूमिहीन किसान हैं, जो दूसरों की जमीन पर खेती करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मानसून आने वाला था और उन्हें खरीफ सीजन की बुवाई के लिए खेत तैयार करने थे। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक बेमौसम बारिश और आसमान से गिरी बिजली ने उनकी खुशियां छीन लीं। बिजली गिरने से उनके दो बैलों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई।
एक गरीब किसान के लिए उसका बैल उसकी सबसे बड़ी संपत्ति और सहारा होता है। काशीनाथ के पास नया बैल खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। दूसरी ओर, यदि खेत समय पर नहीं जोते जाते और बुवाई नहीं होती, तो पूरे परिवार को सालभर भूख का सामना करना पड़ सकता था। ऐसे में काशीनाथ के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। मजबूरी और गरीबी के इस दौर में उनकी पत्नी हौसाबाई आगे आईं। अपने पति का साथ देने के लिए उन्होंने बैल की जगह खुद को हल में जोत लिया। पति-पत्नी ने मिलकर हल खींचा और खेत जोता।
एक राहगीर ने इस मजबूरी और संघर्ष का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड होते ही वह जंगल की आग की तरह फैल गया। लोगों ने इसे तेजी से साझा करना शुरू कर दिया और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने लगे। विपक्षी नेताओं ने भी इस वीडियो को लेकर सरकार की आलोचना की और किसानों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया।
जब यह वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचा, तो उन्होंने मामले की गंभीरता को समझा। बिना समय गंवाए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत लातूर जिला प्रशासन से संपर्क किया और प्रभावित परिवार की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस किसान परिवार को तत्काल नया बैल उपलब्ध कराया जाए और बिना किसी देरी के सभी संभव सरकारी सहायता प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश के बाद लातूर के कलेक्टर भरत बस्तेवाड तुरंत कार्रवाई में जुट गए। स्थानीय गौशाला और एक उदार किसान की मदद से जिला प्रशासन ने तत्काल काशीनाथ के घर एक नया बैल पहुंचाया। इसके अलावा, राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के नियमों के तहत पशु की मृत्यु पर मुआवजे के रूप में 32,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी मंजूर की गई, जो सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है। नया बैल मिलने के बाद हौसाबाई और काशीनाथ के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है और उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त किया है।

