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समर्पण दीर्घदृष्टि और सेवा का प्रतीक सूरत के अग्रणी समाजसेवी अशोक कानूनगो
(उत्कर्ष पटेल)
सूरत शहर लघुभारत की पहचान रखता है। आज यह शहर कपड़ा और हीरा उद्योग के लिए विश्वभर में जाना जाता है। परंतु इस शहर के विकास के पीछे केवल राजनेता उद्योगपति ही नहीं बल्कि कुछ विशेष व्यक्तियों का अमूल्य योगदान भी है। जिन्होंने अपनी व्यावसायिक सफलता को समाजसेवा में लगाकर शहर को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे ही एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं अशोक रामचंद्र कानूनगो जिन्हें अशोकभाई कानूनगो भी कहते हैं। उनका व्यक्तित्व सरलता नम्रता अडिगता और पारदर्शी सेवा के अनोखे मिश्रण से भरा है। वे केवल सफल उद्योगपति नहीं हैं बल्कि सूरत ट्रैफिक एजुकेशन ट्रस्ट लायंस क्लब और लायंस कैंसर डिटेक्शन सेंटर ट्रस्ट जैसी संस्थाओं के जरिए शहर के लोगों के लिए अथक सेवाएं दे रहे हैं।
अशोकभाई का जन्म हरियाणा के हिसार जिले में हुआ। उन्नीस सौ बहत्तर में रोहतक की वैश कॉलेज से बीकॉम पूरा करने के बाद वे मुंबई आए और फिर सूरत आ गए। व्यवसाय में शुरू से ही अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। फिर भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी। विपरीत परिस्थितियों में भी पत्नी और परिवार के समर्थन से वे आगे बढ़ते रहे। उन्नीस सौ बानवे में तुलसी सिंथेटिक्स की स्थापना की। उसे उस समय दस करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार वाली अग्रणी कंपनी बना दिया था। आज उनका पूरा व्यापार उनके पुत्र कनिष्क संभाल रहे हैं। अशोकभाई पूर्ण समय सेवा में लगे हैं।

उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता निर्णयों और लक्ष्य के प्रति अडिगता है। सरलता नम्रता और गुणवत्ता के लिए उनकी तीव्र चाहत है। व्यवसाय में गुणवत्ता की खोज यानी क्वेस्ट फॉर क्वालिटी उनका मूलमंत्र रहा है। इसे उन्होंने लायंस क्लब में भी अपनाया। जीवन में सफलता मिलने के बाद भी वे बहुत सादगीपूर्ण और नम्र रहे हैं। उनकी यह सरलता और समर्पण भाव ने उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाया है। वे मानते हैं कि सफलता तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज को मिले।
दो हजार पांच के आसपास सूरत पुलिस के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अर्थात पीपीपी मॉडल के अंतर्गत स्थापित सूरत ट्रैफिक एजुकेशन ट्रस्ट के मानद सचिव के रूप में अशोकभाई ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह ट्रस्ट सेफ सिटी सूरत प्रोजेक्ट का विशेष प्रयोजन माध्यम अर्थात एसपीवी है। उनके नेतृत्व में शहर में आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क विकसित करने में सफलता मिली। दो हजार पंद्रह में सूरत भारत का पहला शहर बना जिसने पिक्चर इंटेलिजेंस यूनिट शुरू की। इस प्रणाली में लाखों फोटो और डेटाबेस की सहायता से अपराधियों तेज गति से वाहन चलाने वालों और अन्य अपराधियों की पहचान कर पुलिस को तुरंत सूचना दी जाती है। टू वे पब्लिक एड्रेस सिस्टम ट्रैफिक नियमों का प्रशिक्षण और रोड सेफ्टी अवेयरनेस कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने शहर के नागरिकों को सुरक्षित रखने में बड़ा योगदान दिया है। उनकी इन पहलों से सूरत आज अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बन गया है। यह कार्य केवल तकनीकी नहीं है बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा और अपराधी तत्वों को नियंत्रित करने की एक सुनिश्चित व्यवस्था का अंग है।

लायंस क्लब इंटरनेशनल के साथ अशोकभाई का सेवा कार्य कई वर्षों से चल रहा है। वे उन्नीस सौ पचानवे छियानवे में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर यानी पीडीजी रह चुके हैं। पास्ट मल्टीपल काउंसिल चेयरमैन यानी पीएमसीसी के रूप में भी उन्होंने सेवा की है। उनका सूत्र गुणवत्ता की खोज लायंस सेवा में भी दिखता है। वे विभिन्न सेवा प्रोजेक्ट्स में सक्रिय रहे हैं और युवाओं को सेवा की प्रेरणा देते हैं।

उनके सामाजिक कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कार्य लायंस कैंसर डिटेक्शन सेंटर ट्रस्ट सूरत के चेयरमैन के रूप में उनका योगदान है। यह ट्रस्ट न्यू सिविल हॉस्पिटल कैंपस मजुरा गेट सूरत में स्थित है। यहां लाखों रोगियों को मुफ्त या कम खर्च पर इलाज दिया गया है। यहां रोगियों को मेडिकल ऑन्कोलॉजी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी रेडिएशन ऑन्कोलॉजी पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी सीटी स्कैन पैथोलॉजी जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में निर्माणाधीन लायंस कैंसर हॉस्पिटल इस ट्रस्ट का सबसे बड़ा सपना है। अशोकभाई के नेतृत्व में यह हॉस्पिटल विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ बन रही है। विशेषकर इसकी इलाज सुविधा हर किसी के लिए सस्ती और आसानी से उपलब्ध रहेगी। उनकी दृष्टि स्पष्ट है कि यह हॉस्पिटल केवल एक हॉस्पिटल नहीं बल्कि रोगी देखभाल की संस्था बने। धर्म जाति आयु या लिंग के भेदभाव बिना हर रोगी को सम्मान और करुणा के साथ इलाज मिले यही उनका लक्ष्य है। दाताओं द्वारा पूर्ण सेवा समर्पण की भावना से दान मिल रहा है। यह प्रोजेक्ट दक्षिण गुजरात के लिए वरदान साबित होगा।

अशोकभाई कानूनगो का जीवन हमें सिखाता है कि सफलता केवल धन कमाने में नहीं है बल्कि उसका उपयोग समाज के कल्याण के लिए करने में है। उनकी अडिगता सरलता और सेवा का आत्मिक भाव उन्हें सूरत का सच्चा नागरिक और मार्गदर्शक बनाता है। ट्रैफिक सुरक्षा लायंस सेवा और कैंसर जैसे गंभीर रोग के खिलाफ संघर्ष में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उल्लेखनीय रहेगा।

वे जैसे कहते हैं वैसे मरीज का कल्याण सबसे पहले इसी विचार से वे आगे बढ़ रहे हैं। सूरत के लोगों के लिए वे एक जीवंत प्रेरणा हैं। उनके जैसे व्यक्तियों के कारण ही सूरत न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानवीय और सामाजिक रूप से भी समृद्ध हुआ है।
(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)

