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- इज़राइल का ईरान पर बड़ा हमला, इज़राइली सेना ने देश में 'स्टेट ऑफ इमरजेंसी' लागू कर दी है।
इज़राइल का ईरान पर बड़ा हमला, इज़राइली सेना ने देश में 'स्टेट ऑफ इमरजेंसी' लागू कर दी है।
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। इज़राइल के रक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि इज़राइल ने ईरान के खिलाफ मिसाइल हमला शुरू कर दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान में कई शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव पैदा हो गया है।
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इज़राइल में 'स्टेट ऑफ इमरजेंसी' घोषित
ईरान की ओर से संभावित जवाबी हमले की आशंका को देखते हुए इज़राइली सेना ने पूरे देश में एयर रेड सायरन बजा दिए हैं। नागरिकों को सुरक्षित बंकरों और शेल्टरों के करीब रहने की सलाह दी गई है। इज़राइली सेना ने देश में 'स्टेट ऑफ इमरजेंसी' (आपातकाल) लागू कर दी है।
सेना ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में कहा, "यह सायरन जनता को ईरान की ओर से संभावित मिसाइल हमलों के लिए तैयार करने के लिए बजाए गए हैं।" इसके साथ ही स्कूलों को बंद कर दिया गया है, सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और केवल आवश्यक क्षेत्रों को छोड़कर सभी कार्यस्थलों को बंद करने का आदेश दिया गया है।
अमेरिका और इज़राइल का संयुक्त सैन्य ऑपरेशन
अल जज़ीरा के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि ईरान पर ये हमले अमेरिका और इज़राइल का एक संयुक्त सैन्य ऑपरेशन हैं। यह हमला तब हुआ है जब पिछले 24 घंटों में अमेरिका और इज़राइल ने यह आकलन किया कि कूटनीति का अब कोई रास्ता नहीं बचा है।
दिलचस्प बात यह है कि संघर्ष को टालने के लिए पिछले दो दिनों से बातचीत चल रही थी। ओमान के विदेश मंत्री, जो मुख्य वार्ताकार थे, उन्होंने पिछले 12 घंटों के भीतर वाशिंगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की थी। लेकिन अब स्पष्ट है कि ये प्रयास विफल रहे।

ताजा स्थिति और नुकसान की खबरें
- तेहरान में हमले: समाचार एजेंसी 'फार्स' के अनुसार, तेहरान की यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जमहूरी क्षेत्र में कई मिसाइलें गिरी हैं। पश्चिमी तेहरान में भी बम धमाकों की पुष्टि हुई है।
- हवाई क्षेत्र बंद: सुरक्षा कारणों से इज़राइल ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) पूरी तरह से बंद कर दिया है।
- दूतावास अलर्ट: कतर में अमेरिकी दूतावास ने अपने सभी कर्मियों और नागरिकों के लिए 'शेल्टर-इन-प्लेस' (जहाँ हैं वहीं सुरक्षित रहें) लागू कर दिया है।
इज़राइली सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि यह अभियान उनकी उस नीति के अनुरूप है कि ईरान इज़राइल की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

