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साणंद में देश का पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन, 22,516 करोड़ की लागत से तैयार हुआ
साणंद। सेमीकंडक्टर चिप के मामले में गुजरात ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) फैसिलिटी का उद्घाटन किया। प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स को जोड़ा जाएगा, उनकी जांच की जाएगी, उन पर जरूरी मार्किंग और फिर पैकेजिंग की जाएगी। इससे देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूती मिलेगी और देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहले देश की पहचान सॉफ्टवेयर के रूप में थी, आज भारत हार्डवेयर बनाने के लिए भी पहचाना जाने लगा है। बता दें कि गुजरात सरकार ने 2022 से 2027 तक के लिए सेमीकंडक्टर नीति बनाई है और यह नीति बनाने वाला भारत का पहला राज्य है। गुजरात सेमीकंडक्टर नीति 2022-27 के तहत सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को सब्सिडी और प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
प्रोजेक्ट के लिए कुल 75 प्रतिशत सब्सिडी और जमीन खरीद पर जीरो स्टांप शुल्क की योजना बनाई गई है। अब तक भारत माइक्रो चिप्स के मामले में आयात पर निर्भर रहा है। ऐसे में यह प्लांट देश में तकनीकी विकास, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। यह केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का पहला प्रोजेक्ट है। यह प्लांट 22,516 करोड़ रुपए की लागत से बना है।
अमेरिका की माइक्रोन कंपनी ने लगाया है प्लांट
बता दें कि अमेरिकी माइक्रोचिप निर्माता कंपनी माइक्रोन कंपनी ने यह प्लांट लगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2023 में अमेरिका गए थे और वहां माइक्रोन कंपनी ने गुजरात में प्लांट लगाने का ऐलान किया था। केंद्र सरकार ने 2023 में साणंद में माइक्रोन के पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना को मंजूरी दी थी।
पीएम मोदी ने दिया दुनिया को संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब दुनिया कोविड से जूझ रही थी तब भारत ने सेमिकंडक्टर की घोषणा की थी। कोरोना के समय लगा सब बिखर रहा है, लेकिन जो बीज हमने बोया उसका फल आज मिल रहा है। आज पूरी दुनिया के लिए एक ही संदेश है- भारत तैयार है, भारत भरोसेमंद है। भारत आज हर क्षेत्र में सक्षम है। गुजरात ने जो नीतियां बनाई है उसका फायदा जमीन पर दिख रहा है।

