- Hindi News
- विश्व
- ईरान-इजरायल जंग: पढ़ें युद्ध के 10 सबसे बड़े अपडेट्स
ईरान-इजरायल जंग: पढ़ें युद्ध के 10 सबसे बड़े अपडेट्स
ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई देशों के दूतावास, सैन्य ठिकाने और समुद्री संपत्तियां सीधे हमले की जद में आ गई हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता तेजी से बढ़ रही है। कुवैत, बहरीन, साइप्रस, अबू धाबी और जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया है।
इस युद्ध से जुड़े 10 सबसे ताज़ा और बड़े अपडेट्स:
कुवैत में अमेरिकी दूतावास पर खतरा: मिसाइल और ड्रोन हमलों के निरंतर खतरे के बीच कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए 'वर्ल्डवाइड एडवाइजरी' जारी की है। दूतावास कर्मियों और नागरिकों को घरों के सबसे निचले फ्लोर पर रहने और खिड़कियों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।
साइप्रस के ब्रिटिश एयरबेस पर 'शाहेद' ड्रोन का प्रहार: साइप्रस के राष्ट्रपति ने पुष्टि की है कि ब्रिटेन के 'अक्रोतिरी' एयरबेस पर ईरानी शाहेद ड्रोन से हमला हुआ है। साइप्रस की सेना को फुल अलर्ट पर रखा गया है, हालांकि राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वे इस युद्ध का हिस्सा नहीं हैं।

अबू धाबी और बहरीन में सैन्य ठिकाने निशाने पर: फ्रांसीसी रक्षा मंत्री के अनुसार, अबू धाबी बंदरगाह पर स्थित उनके नौसेना बेस के हैंगर को ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचा है। वहीं, बहरीन में 300 ब्रिटिश सैनिकों के बेहद करीब ईरानी मिसाइलें गिरी हैं।
IRGC का दावा- अमेरिकी तेल टैंकरों पर हमला: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उनके 7वें और 8वें वेव के हमलों में 3 अमेरिकी और ब्रिटिश तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है। साथ ही दावा है कि बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों में सैकड़ों सैनिक हताहत हुए हैं।
कुवैत में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15 क्रैश: कुवैत के एयरस्पेस में एक अमेरिकी F-15 जेट क्रैश हो गया है। हालांकि पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह हादसा कुवैत के अपने ही 'पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम' की गलत पहचान (Friendly Fire) का नतीजा हो सकता है।
अमेरिकी 5वीं फ्लीट के मुख्यालय पर मिसाइल हमला: ईरान ने बहरीन के मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना की शक्तिशाली 5वीं फ्लीट के मुख्यालय को निशाना बनाया है। इसके अलावा जॉर्डन में भी अमेरिकी ठिकानों पर भीषण मिसाइलें दागी गई हैं।
E3 देशों का 'रक्षात्मक कार्रवाई' का ऐलान: ईरान के अंधाधुंध हमलों से नाराज होकर फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन (E3) ने साझा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि वे ईरान के खिलाफ "रक्षात्मक कार्रवाई" के लिए तैयार हैं और ईरान को तुरंत हमले रोकने की चेतावनी दी है।
मलबे से बचने की सख्त हिदायत: कुवैत और बहरीन में तैनात अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि मिसाइल हवा में नष्ट होने के बाद भी उसका गिरता हुआ मलबा जानलेवा हो सकता है। लोगों को बाहरी दीवारों और खिड़कियों से दूर रहने को कहा गया है।

साइप्रस की ओर दागी गईं दो मिसाइलें: ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि साइप्रस की दिशा में दो मिसाइलें दागी गईं, जहां ब्रिटेन के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। हालांकि, साइप्रस सरकार ने फिलहाल इन रिपोर्टों को खारिज किया है।
अमेरिका की वर्ल्डवाइड एडवाइजरी: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में मौजूद अपने नागरिकों के लिए 'हाई अलर्ट' जारी किया है। सभी अमेरिकियों को युद्ध क्षेत्रों से दूर रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है।

