बेटा न हो तो क्या बेटी श्राद्ध और पिंडदान कर सकती है? जानें पितृ पक्ष के बारे में पुराण क्या कहते हैं

Hindi Khabarchhe Picture
On

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। यह समय पूर्वजों को याद करने, उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने का है। पितृ पक्ष के दौरान, लोग धार्मिक रूप से अपने दिवंगत माता-पिता, दादा-दादी और परिवार के अन्य पूर्वजों को याद करते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध करने से अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। इस वर्ष पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू होगा और 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा। जैसे-जैसे पितृ पक्ष नजदीक आ रहा है, लोग अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध विधि की तैयारी शुरू कर रहे हैं। लेकिन कई परिवारों के मन में एक सवाल उठ रहा है, जिन परिवारों में पुत्र नहीं हैं और केवल बेटियां हैं, वहां पितरों के लिए श्राद्ध और पिंडदान कौन करेगा? मीडिया सूत्रों से बात करते हुए, देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने बताया कि, इस वर्ष पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू होगा और 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा, जो पूरी अवधि पूर्वजों को समर्पित है। यदि किसी परिवार में पितृ पक्ष के दौरान पुत्र न हो, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेटियां भी अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान कर सकती हैं।

daughter-shradh4
bhaskar.com

गरुड़ पुराण से संबंधित धार्मिक परंपराएं और पौराणिक कथाएं माता सीता द्वारा अपने ससुर, राजा दशरथ के लिए पिंडदान करने की घटना का वर्णन करती हैं। इसके आधार पर, ऐसा माना जाता है कि विशेष परिस्थितियों में, महिलाएं भी पितृ कर्म कर सकती हैं। यदि किसी पूर्वज का पुत्र न हो, तो बेटी का पुत्र, यानी, नाती, पिंडदान कर सकता है। यदि कोई नाती न हो, तो बेटी अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध और पिंडदान कर सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात श्रद्धा और सम्मान की भावना है। कुल से कुल और अलग-अलग क्षेत्रों में धार्मिक विधि की पद्धति अलग-अलग हो सकती है, लेकिन स्थानीय परंपराओं पर आधारित जानकारी के लिए योग्य आचार्य या पुजारी की सलाह लेना आवश्यक है।

daughter-shradh1
amarujala.com

पितृ पक्ष के संबंध में धार्मिक मान्यता रखने वाले लोग मानते हैं कि, श्राद्ध केवल एक धार्मिक विधि नहीं है बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। इस दौरान, परिवार अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उन्हें उनका पसंदीदा भोजन अर्पित करते हैं। कई घरों में, ब्राह्मणों को भोजन कराने, दान करने और जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा भी देखने को मिलती है। ऐसा माना जाता है कि पूर्वज भक्तिभाव से किए जाने वाले पितृ कर्म से प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है। हालांकि, व्यक्ति अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार इन धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हैं।

daughter-shradh
hindi.news18.com

जिन परिवारों में पूर्वजों की मृत्यु की तिथि की जानकारी होती है, वहां उस तिथि के अनुसार श्राद्ध करने की परंपरा है। जबकि मृत्यु तिथि ज्ञात न हो या किसी कारण से निर्धारित तिथि पर न किया जा सके ऐसे पूर्वजों के लिए सर्व पितृ अमावस्या पर श्राद्ध करने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। इस वर्ष, सर्व पितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को होगी। इसलिए, जिन परिवारों को पितृ कर्म करने को लेकर कोई संदेह हो वे अपने स्थानीय पुजारी या आचार्य से संपर्क करके कैलेंडर और पारिवारिक परंपरा के आधार पर सही तिथि और विधि की जानकारी ले सकते हैं।

About The Author

More News

लेखपाल की करतूत! 51 जमीनें अपने और पत्नी के नाम कर लीं, बस स्टैंड-कुआं भी नहीं छोड़ा

Top News

लेखपाल की करतूत! 51 जमीनें अपने और पत्नी के नाम कर लीं, बस स्टैंड-कुआं भी नहीं छोड़ा

17 सितंबर को मध्य प्रदेश सरकार ने 'स्वामित्व भूमि अधिकार अमलीकरण और पंजीयन योजना-2026' शुरू की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों...
राष्ट्रीय  
लेखपाल की करतूत! 51 जमीनें अपने और पत्नी के नाम कर लीं, बस स्टैंड-कुआं भी नहीं छोड़ा

गुजरात जीतने की तैयारी! प्रभारी बनते ही सुरजेवाला ने बनाया प्लान; कांग्रेस के लिए तीन मुख्य मुद्दे तय किए

अगले साल कई महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक दल इन चुनावों को लेकर अभी से तैयारी...
राजनीति 
गुजरात जीतने की तैयारी! प्रभारी बनते ही सुरजेवाला ने बनाया प्लान; कांग्रेस के लिए तीन मुख्य मुद्दे तय किए

सचिन तेंदुलकर ने जिस कंपनी में निवेश किया है, उसका IPO आ रहा है

शेयर बाजार में फिलहाल IPO की भारी हलचल देखने को मिल रही है. नए IPO आ रहे हैं और निवेशकों...
बिजनेस 
सचिन तेंदुलकर ने जिस कंपनी में निवेश किया है, उसका IPO आ रहा है

विनोद कांबली ने वृद्धाश्रम से शेयर किया वीडियो, कहा- यहां खुश हूं, सचिन ने भी की थी मदद

भारत के पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली एक बार फिर चर्चा में हैं। इंटरनेट पर उनका एक नया वीडियो वायरल हो...
खेल 
विनोद कांबली ने वृद्धाश्रम से शेयर किया वीडियो, कहा- यहां खुश हूं, सचिन ने भी की थी मदद

बिजनेस

Copyright (c) Khabarchhe All Rights Reserved.