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सूरत की एक सरकारी स्कूल में प्राचार्य ने छात्रों से मजदूरों की तरह काम करवाया
सूरत की एक सरकारी स्कूल में छात्रों से मजदूरों की तरह काम करवाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि छोटे बच्चे स्कूल के प्रांगण और लोहे की ग्रिल साफ कर रहे हैं, जबकि शिक्षक मात्र मूकदर्शक बने हुए हैं। जिस उम्र में बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए, उस उम्र में उनसे मजदूरों की तरह काम करवाया जा रहा है। वीडियो वायरल होते ही अभिभावकों में रोष देखने को मिल रहा है। साथ ही शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस गंभीर मामले पर नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कापडिया ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘यह मामला बेहद गंभीर और अनुचित है। हमने वीडियो देखा है और उसमें साफ तौर पर दिखता है कि बच्चों से काम करवाया जा रहा है। शिक्षा समिति द्वारा स्कूलों को सफाई के लिए पर्याप्त अनुदान दिया जाता है, फिर भी बच्चों से काम करवाना नियमों का उल्लंघन है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत हर स्कूल को रखरखाव के लिए अनुदान मिलता है। हाल ही में सफाई के लिए अतिरिक्त अनुदान भी आवंटित किया गया है।’
इस घटना के बारे में स्कूल के प्राचार्य ने कहा, ‘वीडियो हमारी ही स्कूल का है। हमारा उद्देश्य बच्चों से मजदूरी करवाना नहीं था, बल्कि केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना था। आगे ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी।’
इस घटना की सत्यता की जांच के लिए निरीक्षकों की एक विशेष टीम स्कूल भेजी जाएगी। यह टीम घटनास्थल की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर जिम्मेदार शिक्षकों और प्राचार्य के खिलाफ कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, शहर की सभी समिति की स्कूलों के लिए एक नया परिपत्र भी जारी किया जाएगा, जिसमें कड़ी हिदायत दी जाएगी कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों से सफाई या कोई अन्य काम नहीं करवाया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब सूरत की नगर समिति की कोई स्कूल विवाद में फंसी हो। इससे पहले पिछले साल शिक्षा समिति की एक स्कूल में गेट-टुगेदर कार्यक्रम में नॉनवेज परोसा गया था, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद शिक्षा समिति ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की थी और प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया था।

