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सूरत के बिल्डर तुषार घेलाणी को ब्लैकमेल करने वाली महिला गिरफ्तार, जिसने खुद को गोली मारकर जान गंवाई
सूरत के जाने-माने बिल्डर तुषार घेलाणी की मौत के मामले में उमरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बिल्डर को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने तुषार घेलाणी की महिला मित्र के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में ब्लैकमेलिंग और संपत्तियां हड़पने की जानकारी सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
क्या है पूरा मामला
तुषार घेलाणी सूरत के रियल एस्टेट मार्केट का बहुत बड़ा और सम्मानित नाम था। उनकी कंपनी घेलाणी बिल्डर्स, घेलाणी ग्रुप 1990 से सूरत के निर्माण क्षेत्र में सक्रिय थी। उनका मुख्य कार्यालय सूरत के पार्ले पॉइंट स्थित जॉली कॉम्प्लेक्स में था। वे सूरत में आधुनिक आर्किटेक्चर और लग्ज़री रिहायशी प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए जाने जाते थे।
मृतक बिल्डर तुषार घेलाणी ने 1 फरवरी 2026 को अपने निवास पर रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया था। 5 दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया था। उनकी मौत के बाद परिवार और एक महिला मित्र आमने-सामने आ गए थे।
तुषार घेलाणी के परिवार ने गंभीर आरोप लगाया कि महिला मित्र तुषारभाई को लगातार ब्लैकमेल कर रही थी और उनसे दुकान सहित कीमती संपत्तियां हड़प ली थीं। तुषारभाई इन संबंधों को खत्म करना चाहते थे, लेकिन महिला पीछा नहीं छोड़ रही थी। महिला मित्र ने बेटी की शादी के अवसर पर हंगामा कर बदनाम करने की धमकी दी, जिससे तुषारभाई ने अंतिम कदम उठाया।
तुषार घेलाणी के परिवार ने पूनम भदोरिया के खिलाफ आवेदन किया था और आरोप लगाया था कि वह तुषार घेलाणी को ब्लैकमेल कर रही थी। पूनम भदोरिया ने बिल्डर से दुकान से लेकर कुछ संपत्तियां भी हड़प ली थीं। तुषार घेलाणी पूनम भदोरिया से छुटकारा पाना चाहते थे, लेकिन वह पीछा नहीं छोड़ रही थी। बेटी की शादी में पूनम भदोरिया ने हंगामा करने की भी धमकी दी थी, इसलिए बदनामी के डर से तुषार घेलाणी ने जीवन समाप्त कर लिया, ऐसा बताया गया।
हालांकि, दूसरी ओर पूनम भदोरिया ने भी पुलिस में आवेदन किया था और बिल्डर के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए थे। लेकिन पूरे मामले की गहन जांच के बाद पुलिस को पूनम भदोरिया की संलिप्तता दिखाई देने पर आखिरकार उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई है।
तुषार घेलाणी के परिजनों ने भी पुलिस में महिला के खिलाफ आवेदन दिया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इस महिला ने तुषार घेलाणी को प्रताड़ित कर भावनात्मक और वित्तीय ब्लैकमेलिंग की थी। परिवार की इस शिकायत के आधार पर ही पुलिस ने आज महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है।
दूसरी ओर, गिरफ्तार की गई महिला ने भी पुलिस में आवेदन कर चौंकाने वाले दावे किए थे। उसने इस घटना को आत्महत्या नहीं बल्कि ‘मर्डर’ बताया था। उसने आरोप लगाया था कि परिवार मृतक तुषार घेलाणी का उपयोग केवल ‘एटीएम मशीन’ की तरह करता था और उन्हें मान-सम्मान नहीं देता था। इसके अलावा उसने यह भी दावा किया था कि बेटी की शादी के लिए तुषारभाई ने उसकी मां से 25 लाख रुपये उधार लिए थे।
एसीपी जेड. आर. देसाई ने बताया कि तुषार घेलाणी ने 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि को अपनी सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या का प्रयास किया था और 5 फरवरी को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। 12 फरवरी को उनके परिवार द्वारा जांच के लिए औपचारिक अनुरोध किए जाने के बाद पुलिस उनके रिश्तेदारों, पड़ोसियों और सहकर्मियों से गहन पूछताछ कर रही है। इस जांच में पूनम नाम की महिला मुख्य पात्र के रूप में सामने आई है, जिस पर मृतक को मानसिक और आर्थिक रूप से भारी दबाव देने का आरोप है।
पुलिस जांच में “ब्ल्यू पैपिलोन स्कूल से जुड़े वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं, जिसमें पूनम बिना किसी दस्तावेजी वित्तीय निवेश के मैनेजिंग पार्टनर के रूप में काम कर रही थीं और मुनाफे में हिस्सा ले रही थीं। इसके अलावा, पुलिस ने अगस्त 2025 में हुए एक संदिग्ध प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर भी प्रकाश डाला है, जिसमें तुषार ने जॉली आर्केड में स्थित दो दुकानों, जिनकी अनुमानित कीमत 1.06 करोड़ रुपये है, को बिना किसी बैंकिंग लेन-देन के पूनम के नाम कर दिया था।
उमरा पुलिस ने दोनों पक्षों के आवेदनों और सबूतों की बारीकी से जांच की है। फिलहाल पुलिस ने महिला मित्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

