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गुजरात सरकार विवाह पंजीकरण के नियमों में करेगी संशोधन, पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर माता-पिता को दी जाएगी सूचना
अहमदाबाद। गुजरात सरकार विवाह पंजीकरण के नियमों में बदलाव करने जा रही है। विधानसभा में नियमों में संशोधन को लेकर विधेयक पेश कर दिया गया है। प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार अब विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर माता-पिता को सूचना दी जाएगी और आवेदन करने के 40वें दिन मैरिज सर्टिफिकेट मिलेगा। इस मामले में हर्ष संघवी का कहना है कि सरकार को प्रेम से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह कोई सलीम सुरेश बनकर बेटी को फंसाएगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। विवाह पंजीकरण को लेकर कई समाजों की ओर से आवाज उठ रही थी। अब सरकार ने बढ़ते सामाजिक दबावों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। बता दें कि भागकर विवाह को रोकने के लिए 2019 में कड़ी में 5000 महिलाओं ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था।
मेहसाणा, दियोदर, जसदण, हिम्मतनगर, सिहोरी, विजापुर, मानसा, सुरेंद्रनगर में भी इसको लेकर कई रैलियां आयोजित की गई थीं। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सदन में कहा कि राज्य सरकार प्रेम विवाह की विरोधी नहीं है, लेकिन युवतियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए विवाह पंजीकरण के नियमों में संशोधन आवश्यक हो गया है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार अब प्रेम विवाह के पंजीकरण के समय आवश्यक दस्तावेजों की कड़ी जांच की जाएगी। लड़की के माता-पिता को विवाह के बारे में 10 दिनों के भीतर आधिकारिक जानकारी देना अनिवार्य होगा। साथ ही माता-पिता के आधार कार्ड और सही पते का विवरण भी पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
प्रेम विवाह के पंजीकरण के लिए अलग पोर्टल शुरू किया जाएगा
सरकार प्रेम विवाह के पंजीकरण के लिए अलग पोर्टल भी शुरू करेगी ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बन सके। नए नियमों के तहत दुल्हन और दूल्हे के साथ मौजूद गवाहों की पूरी जानकारी, उनके फोटोग्राफ और आधार कार्ड की प्रति देना अनिवार्य किया गया है। अदालत में सरकारी आधार पर पंजीकरण कराना अनिवार्य रहेगा। इस मामले में एक और चीज स्पष्ट की गई है। अगर दहेज या संपत्ति को लेकर युवती को परेशान किया जाता है तो कड़ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य युवतियों की सुरक्षा और कानूनी संरक्षण सुनिश्चित करना है।
आमजन से भी आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे
विवाह पंजीकरण पारदर्शी और कारगर हो इसके लिए आमजन से भी आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को प्राप्त विभिन्न प्रस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में सुधार के लिए नियमों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। इन संशोधनों के संबंध में जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे और प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद नए नियम लागू किए जाएंगे।

