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सूरत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा भूपेंद्र सरकार का बजट, टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगा बूस्ट, 25 जीआईडीसी ‘स्मार्ट’ होंगे
सूरत। गुजरात सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया है। इस बजट में टेक्सटाइल, एमएमएमई और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री कनु देसाई ने गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत 2,755 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण व्यवस्था की है, जो सूरत और सौराष्ट्र के कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर मजबूती देगा। वहीं, सूरत के व्यापारियों और उद्योगपतियों ने इस पर खुशी जताई है। इसके अलावा सरकार ने बजट में जीआईडीसी को स्मार्ट बनाने की घोषणा की है। दरअसल, सरकार ने 25 जीआईडीसी को स्मार्ट बनाने बनाएगी। वहीं, 120 मिनी जीआईडीसी के नवीनीकरण की घोषणा बजट में की गई है। इधर, जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर के एमएसएमई इकाइयों के लिए 1,775 करोड़ रुपये के आवंटन किया है। हालांकि कुछ बुनियादी मांगें अधूरी रहने पर डायमंड उद्योग जगत ने निराशा भी व्यक्त की है। बजट में 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 3 आई-हब सेंटर्स में सूरत भी शामिल है। इससे स्टार्टअप्स को गति मिलेगी।
संकट से जूझ रहे रत्न कलाकारों के लिए कोई घोषणा नहीं, निराशा
बजट में सबसे अधिक नाराजगी रत्न कलाकारों और श्रमिक वर्ग में देखने को मिल रही है। उन्हें इस बजट से बड़ी उम्मीद थी। दरअसल, मंदी का सामना कर रहे 25 लाख रत्न कलाकारों और उनसे जुड़े 50 लाख परिवारों के लिए ‘रत्नकलाकार कल्याण बोर्ड' या आर्थिक पैकेज की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। श्रमिकों के हित में कोई बड़ा निर्णय न लिए जाने से यूनियन में रोष है।
यह बजट सूरत के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए भी उपयोगी
बजट में गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए 3,15,000 आवास बनाने की बात कही गई है। इससे सूरत को भी बड़ा फायदा मिलेगा। गुजरात सरकार गरीबी रेखा से नीचे जी रहे लोगों को ऊपर उठाने का प्रयास कर रही है। सूरत में वर्तमान में 53,000 आंगनवाड़ी मौजूद हैं, 2,000 नई आंगनवाड़ी बनाई जाएंगी, उसमें सूरत का शामिल होना भी तय है। इसलिए कुल मिलाकर सूरत को बहुत प्राथमिकता मिली है और इसे गरीब, मध्यम वर्ग और उद्योग को प्रोत्साहन देने वाला विकासशील बजट कहा जा सकता है।

