अंबालाल पटेल की भविष्यवाणी... जानिए गुजरात में कब से शुरू होगी झमाझम बारिश?

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ऐसा लगता है कि इस बार मेघराजा नाराज़ हैं। एल नीनो के कारण किसान अब भी बारिश का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। राज्य में काफी उमस है, लेकिन अब तक बारिश का नामोनिशान नहीं है। मानसून के राज्य में प्रवेश के बाद भी अधिकांश जिले अब तक सूखे पड़े हैं। इसी बीच अंबालाल पटेल ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि राज्य में कब से व्यापक वर्षा दर्ज होगी। उनके पूर्वानुमान पर बात करने से पहले, आइए एक नज़र डालते हैं कि विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं।

ABP अस्मिता की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय न होने के कारण मानसून की गति धीमी पड़ गई है। साथ ही, मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसक जाने से गुजरात की ओर आने वाली नमी वाली हवाओं का प्रवाह भी कमजोर पड़ गया है। इसके कारण राज्य में बारिश का माहौल बनने में देरी हो रही है। मानसून की धीमी गति ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

इन सबके बीच मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल ने राहत भरे संकेत दिए हैं। उन्होंने जून के अंतिम दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। उनके अनुसार, 28 जून से राज्य में व्यापक और अच्छी वर्षा हो सकती है। 28 जून के बाद दक्षिण गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्व गुजरात, उत्तर गुजरात और मध्य गुजरात में भी जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी वर्षा हो सकती है।

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पूर्वानुमानकर्ता अंबालाल पटेल ने 16 जुलाई के बाद बारिश के एक और दौर की संभावना भी जताई है। इस दौरान अच्छी वर्षा के कारण नर्मदा नदी के जलस्तर में भी वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद 2 अगस्त के बाद राज्य में फिर से अच्छी बारिश का एक और दौर आने की संभावना व्यक्त की गई है।

गुजरात में मानसून की शुरुआत के बाद वर्षा गतिविधियों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, राज्य में रुका हुआ मानसून अगले 3 दिनों में फिर से सक्रिय होकर आगे बढ़ सकता है। हालांकि, अगले पाँच दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की से मध्यम बारिश की ही संभावना जताई गई है।

राज्य में वर्षा के आँकड़े भी चिंताजनक स्थिति दर्शा रहे हैं। 26 जून तक गुजरात में औसतन केवल 2.85 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम मानी जा रही है। अब तक राज्य में केवल 1.03 इंच वर्षा हुई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में राज्य में 26.24 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई थी।

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बारिश की कमी के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में किसान बुवाई के लिए बारिश का इंतज़ार कर रहे हैं। राज्य के किसी भी तालुका में अब तक 10 इंच तक वर्षा दर्ज नहीं हुई है, जो वर्षा की कमी का स्पष्ट संकेत है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। यदि अरब सागर में अनुकूल प्रणाली विकसित होती है, तो राज्य में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में बारिश कैसी रहती है। क्या इस बार किसानों को फिर से रोना पड़ेगा? यदि अच्छी बारिश नहीं होती है, तो निश्चित रूप से किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी, क्योंकि तेज धूप और उमस के कारण कई जगहों पर जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है।

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