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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला: छोटे कर्मचारियों की गिरफ्तारी, बड़े लोगों का बचाव, जनता के बीच क्या संदेश जाएगा?
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर उनका रिमांड मांगा जाएगा। लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद सियासत गरमा गई है। दरअसल, चंपत राय समेत ट्रस्ट के किसी भी सदस्य को आरोपी नहीं बनाया गया है। इसको लेकर बयानबाजी अब तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि सरकार निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। बड़े मोहरों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। चंपत राय का एफआईआर में नाम नहीं होना इस बात को पुख्ता करती है कि सरकार कुछ लोगों को बचा रही है। बता दें कि गिरफ्तारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
एफआईआर में रमाशंकर यादव (टिन्नू), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को नामजद किया गया है। इनमें अधिकांश लोग मंदिर में चढ़ावे की गिनती और दान प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। हालांकि, एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।
7 जून को आया था मामला, 13 जून को एसआईटी गठित
मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इस बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार सुबह अयोध्या पहुंचे। उन्होंने रामलला के दर्शन-पूजन किए और इसके बाद हनुमानगढ़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि शाम चार बजे इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
वीएचपी के अध्यक्ष बोले- कोई भी जांच के दायरे से बाहर नहीं
उधर, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि जांच किसी भी स्तर पर सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आवश्यकता हुई तो चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा सहित किसी भी व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाएगी। कोई भी जांच के दायरे से बाहर नहीं है। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के दौरान यह माना जा रहा था कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की है। हालांकि, फिलहाल दर्ज एफआईआर में केवल आठ लोगों को नामजद किया गया है।
150 लोगों की जांच, इनकी आर्थिक स्थिति में अचानक बड़ा बदलाव आया
एसआईटी की जांच में दानपात्रों की चाबियां टिन्नू यादव के पास मिलने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसी ने ऐसे लगभग 150 सेवादारों और कर्मचारियों की भी पहचान की, जिनकी आर्थिक स्थिति 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उल्लेखनीय रूप से बदली थी। इन सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है।
अब तक जांच में क्या-क्या सामने आया
- 7 जून को चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया।
- 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की।
- 23 जून को एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी।
- ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई।
- आठ लोगों को नामजद कर गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस सभी आरोपियों की 14 दिन की रिमांड मांगने की तैयारी में है।
चढ़ावा मामले में किस नेता ने क्या कहा-
अरविंद केजरीवाल: महापाप करने वालों को कठोर दंड मिले
रामलला के दर्शन के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने भगवान से प्रार्थना की है कि इस "महापाप" के दोषियों को कठोर से कठोर दंड मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि दर्ज की गई एफआईआर केवल दिखावा है और इसमें केवल छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके अनुसार, इतने बड़े स्तर की कथित हेराफेरी छोटे कर्मचारियों के स्तर पर संभव नहीं है और इसके तार ऊपर तक जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े लोगों को बचाने और छोटे कर्मचारियों पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश की जा रही है।
VHP अध्यक्ष: जांच निष्पक्ष तरीके से हो रही है
आलोक कुमार ने कहा कि जांच निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा या कोई अन्य पदाधिकारी जांच के दायरे से बाहर नहीं है। यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा: जिसके खिलाफ भी साक्ष्य मिलेंगे, कार्रवाई होगी
दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष लगातार श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वयं एसआईटी गठित की, जांच कराई और रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। उनके अनुसार, जिसके खिलाफ भी साक्ष्य मिलेंगे, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
जदयू सांसद संजय झा: राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र
संजय झा ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यह घटना दुखद है, लेकिन सरकार ने एसआईटी बनाकर जांच कराई और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
भाजपा नेता आरपी सिंह: योगी ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है
आरपी सिंह ने कहा कि मामले में कोई भी व्यक्ति कितना भी बड़ा अधिकारी या कर्मचारी क्यों न हो, यदि वह दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निष्पक्ष जांच का जो भरोसा दिया था, उसी के अनुरूप कार्रवाई हो रही है। रमेशदास महाराज ने एसआईटी की जांच के लिए राज्य और केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद भी अनावश्यक आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, जिसने भी अपराध किया है, उसे न्यायालय से उचित सजा मिलेगी।

