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बेगूसराय: सरकारी शिक्षक के बेटे ने किन्नर से रचाई शादी, बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, दोनों परिवारों ने दी रजामंदी
'ऊपरवाला जोड़ियां बनाकर नीचे भेजता है', यह कहावत बिहार के बेगूसराय जिले की एक अनोखी प्रेम कहानी पर बिल्कुल फिट बैठती है। यहां एक सरकारी शिक्षक के बेटे को एक ट्रांसजेंडर से प्यार हो गया। परिवार और समाज के विरोध के बावजूद, उन्होंने पहले कोर्ट मैरिज की। उसके बाद, जब दोनों परिवारों ने उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया, तो पूरे रीति-रिवाज के साथ बारात निकाली गई और धूमधाम से शादी करवाई गई।
इस शादी की तस्वीर अब तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग इस जोड़े की सराहना कर रहे हैं। कई लोग इसे प्रेम, विश्वास और सामाजिक स्वीकृति का उदाहरण बता रहे हैं।
दरअसल, यह घटना भगवानपुर थाना क्षेत्र के संजात गाँव की है। सरकारी शिक्षक अर्जुन ठाकुर के बेटे विकास ठाकुर की प्रेम कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। विकास पेशे से एक नृत्य मंडली में काम करता है।
विकास ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2022 में वह एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंझौल गया था। वहां उसकी मुलाकात घनश्याम सहनी की ट्रांसजेंडर बेटी सुशीला कुमारी से हुई। पहली मुलाकात के दौरान दोनों ने मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया और बातचीत शुरू हुई।
विकास अक्सर कमला गाँव में अपने एक रिश्तेदार से मिलने जाता था। इस दौरान दोनों की मुलाकातें बढ़ती गईं। वे फोन पर बात करते रहे और उनकी दोस्ती धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में बदल गई। कुछ समय बाद उन्होंने अपना जीवन साथ बिताने का फैसला कर लिया।
जब उनके परिवारों को उनके रिश्ते के बारे में पता चला, तो शुरुआत में उन्होंने इसका विरोध किया। सुशीला के ट्रांसजेंडर होने के कारण परिवार और समाज के कुछ लोग उनके रिश्ते को पसंद नहीं करते थे। हालांकि, विकास और सुशीला साथ रहने के अपने फैसले पर अडिग रहे।
परिवार के विरोध के बावजूद उन्होंने वर्ष 2023 में कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद भी उन्हें सामाजिक तानों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में उनके परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन समय के साथ उनके व्यवहार और रिश्ते की मजबूती ने परिवारों का विश्वास जीत लिया।
आखिरकार, दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। इसके बाद 17 अप्रैल, 2026 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार बारात निकाली गई और विकास ठाकुर पूरे धूमधाम से सुशीला के घर पहुँचे। परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उनकी शादी सामाजिक और पारंपरिक रीति से संपन्न हुई।
शादी के बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे हैं। शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग उनके फैसले की सराहना कर रहे हैं और उन्हें उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएँ दे रहे हैं।
विकास ठाकुर का कहना है कि उनकी मुलाकात सुशीला से एक नृत्य मंडली में काम करने के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया और उन्होंने शादी करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनका परिवार और समाज दोनों ही इस रिश्ते के खिलाफ थे क्योंकि सुशीला एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति हैं।
विकास ने बताया कि वे समाज की राय से अधिक अपने रिश्ते पर विश्वास करते थे। समय के साथ उनके परिवारों ने उनके प्रेम को समझा और आखिरकार उन्हें स्वीकार कर लिया। अब वे खुशी-खुशी अपना वैवाहिक जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि परिवारों का साथ मिलने के बाद अब उन्हें किसी की बात की परवाह नहीं है और दोनों अपने नए जीवन से संतुष्ट हैं।
सुशीला कुमारी ने बताया कि विकास पहली बार एक कार्यक्रम के दौरान उनके गाँव आए थे। उनके रिश्तेदार भी उसी गाँव में रहते थे, इसलिए वे अक्सर वहाँ आते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया।
सुशीला ने बताया कि वे लगभग 6 महीने तक रिलेशनशिप में रहे। इसके बाद उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली। लगभग 2 से 3 साल बाद, जब दोनों परिवार राज़ी हो गए, तब उन्होंने दोबारा हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सामाजिक विवाह किया।
सुशीला ने कहा कि शुरुआत में लोग उन्हें अलग नज़र से देखते थे क्योंकि वे ट्रांसजेंडर थीं और तरह-तरह की बातें करते थे। लेकिन हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोगों का काम बोलना है। इस दुनिया में हर व्यक्ति इंसान है, चाहे वह ट्रांसजेंडर हो या सामान्य व्यक्ति। हमने अपने परिवार को प्रेम और सम्मान दिया, इसलिए उन्होंने भी हमें स्वीकार किया। हम चाहते हैं कि समाज की मानसिकता बदले और हर व्यक्ति को इसी तरह का सम्मान मिले।

