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जंतर-मंतर पर हज़ारों लोग जुटे, पुलिस ने लाठीचार्ज किया, सरकार बातचीत के लिए तैयार
NEET पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन अब उग्र रूप ले चुका है। आज, 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही पार्टी ने 'संसद मार्च' का आह्वान किया है। CJP ने यह ‘चलो संसद’ का ऐलान भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने के विरोध में किया था। इस मार्च को समर्थन देने के लिए देशभर से आए छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी (एस्पिरेंट्स) और उनके अभिभावक जंतर-मंतर पर भारी संख्या में जुटे हुए हैं।

जंतर-मंतर से संसद तक कड़ी सुरक्षा: दिल्ली बनी छावनी
एक तरफ आज से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ CJP के संसद मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। पुलिस प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से बाहर नहीं निकलने दे रही है, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव और हिंसा के आसार बढ़ गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने संसद भवन और उसके आस-पास के इलाक़ों सहित पूरी दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया है। जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग और दिल्ली के विभिन्न संवेदनशील इलाक़ों में 5,000 से अधिक पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
https://twitter.com/PTI_News/status/2079098712421511318
आम आदमी पार्टी का समर्थन, पुलिस बैरिकेडिंग फांदकर पहुँचे नेता
जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के इस प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) का भी खुला समर्थन मिल गया है। पुलिस द्वारा की गई भारी बैरिकेडिंग के बावजूद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता—आतिशी, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह—बैरिकेड्स कूदकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँचे और अपना समर्थन जताया।

बैरिकेड्स टूटे, लाठीचार्ज और RPF से झड़प
संसद मार्च शुरू करने के लिए जैसे ही CJP कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से आगे बढ़ने का प्रयास किया, माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके जवाब में पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठियां भांजीं।
https://twitter.com/PTI_News/status/2079084345567183327
प्रदर्शनकारियों की RPF (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों से भी तीखी झड़प हुई। स्थिति को बेक़ाबू होते देख पुलिस और RPF ने लाठीचार्ज करते हुए प्रदर्शनकारियों को पीछे खदेड़ दिया। इसके अलावा, पुलिस ने आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं को जंतर-मंतर आने से रोक दिया है।
https://twitter.com/chandanmedia/status/2079100200757739749
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की शांति की अपील
मार्च शुरू होने से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा "हमारी तरफ से कोई भी गलत काम नहीं होना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन और मार्च को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखना हमारी पहली ज़िम्मेदारी है। सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन के लिए अपनी जान दांव पर लगाई है, इसलिए हम इस प्रदर्शन को किसी भी क़ीमत पर बदनाम नहीं होने दे सकते।"

इसके साथ ही अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया (ट्विटर/X) पर एक पोस्ट के ज़रिए दावा किया कि आज भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च हो रहा है। उन्होंने लिखा कि पिछले 10-12 सालों से लोकतंत्र को ख़त्म करने की कोशिश की जा रही थी, जिसे जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर फिर से ज़िंदा किया गया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर जाने वाली चारों सड़कें पूरी तरह से भर चुकी हैं और अब उन्हें संसद जाने से कोई नहीं रोक सकता।
https://twitter.com/DesignerxDeepak/status/2079100217790746885
बातचीत के लिए तैयार हैं, गेंद सरकार के पाले में': मुख्य प्रवक्ता सौरव दास
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने स्थिति पर बयान देते हुए कहा कि सरकार से बातचीत शुरू करने के प्रयास जारी हैं और सरकार की ओर से भी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा "सरकार ने बातचीत में देरी ज़रूर की है, लेकिन हम अभी भी चर्चा के लिए तैयार हैं। अब गेंद सरकार के पाले में है। सोनम वांगचुक की स्थिति अभी स्थिर (Stable) है और वे अपनी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। उन्होंने संसद मार्च के लिए अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं। बहुत जल्द एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा।

