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दिव्यांशु नौकरी न मिलने पर घर वालों को खुश करने के लिए बना आरपीएफ का फर्जी दरोगा
प्रयागराज से हुआ के एक फर्जी आरपीएफ दारोगा, ये गिरफ़्तारी जीआरपी थाना पुलिस द्वारा हुई है l कई दिनों से आरोपी फ्री में ट्रैन यात्रा का लाभ उठा रहा था, पूछताछ के बाद उसने राज़ उगला की घर वाले उसे नौकरी करने के लिए दबाव डाल रहे थे, इसी के चलते उसे फर्जी आरपीएफ दारोगा बनना पड़ा, क्युकी इसके कारण उसे ट्रैन में मुफ्त में यात्रा करनेका लाभ मिलता था
घर वालो को खुश करने के लिए बना फर्जी RPF दारोगा
इस फर्जी दारोगा का नाम दिव्यांशु कुमार है और इनकी उम्र 22 साल है. जिसे प्रायराज के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से गिरफ्तार किया गया है. वही जब उससे पूछा गया तो उसने कहा उसने ऐसा कदम इसलिए उठाया क्युकी घर वाले उसपर नौकरी करने के लिए दबाव दाल रहे थे, तो नौकरी न मिलने के चलते ट्रेन में मुफ्त आने-जाने के लिए और घर वालो को प्रसन्न करने के लिए उसने ये तरीका निकाला
दिव्यांशु कुमार गाजीपुर के बरेसर थाना छेत्र के रेंगा गांव के निवासी है. आरोपी के पास से पहनी हुई वर्दी, उस पर लगे स्टार, बैच, मोनोग्राम, बेल्ट, नीली डोरी और लाल रंग के जूते, खाकी-मोजा बरामद हुए है, आरोपी की तलाशी में 650 रूपए नकद, आधार कार्ड एवं एटीएम कार्ड भी पाए गए l गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ जीआरपी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है
3 महीने से ट्रैन में फ्री में कर रहे थे यात्रा
यह गिरफ्तारी आरपीएफ इंस्पेक्टर अकलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर भूपेंद्र कुमार और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने की। आरोपी पिछले करीब तीन महीनों से वर्दी पहनकर ट्रेन में बिना टिकट मुफ्त सफर कर रहा था। शक होने पर जब उससे पूछताछ की गई तो उसने पूरा मामला कबूल कर लिया। आरोपी के खिलाफ थाना जीआरपी प्रयागराज में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

