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जंतर-मंतर पर जाकर तिरंगा फहराने वाले सौरव और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल भेजा गया, जानिए अभिजीत दीपक और राहुल गांधी ने क्या कहा
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल भेजने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि दोनों ने क्या गलती की थी? क्या जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने का प्रयास करना अपराध था? वहीं, पुलिस ने अजिंक्य शिंदे से पीस बॉन्ड भरवाकर उन्हें रिहा कर दिया है।
अभिजीत दीपके ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि आशु और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनकी गलती? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना।
https://twitter.com/ANI/status/2110216371137355932
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि उनका और INDIA गठबंधन का एक ही उद्देश्य है। कॉकरोच जनता पार्टी एक स्वतंत्र संस्था है और हमेशा रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी 'INDIA' गठबंधन की विरोधी है। दोनों आंदोलनों का एक ही उद्देश्य है।
इस घटना के बाद राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में कहा था कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और वे इसे वापस लेकर रहेंगे।
सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के लिए 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है। वहीं, पुलिस ने अजिंक्य शिंदे को ₹5,000 का पीस बॉन्ड भरवाने के बाद रिहा कर दिया था। SEM कोर्ट ने उन्हें छह महीने तक अशांति नहीं फैलाने का आदेश दिया है।
https://twitter.com/RahulGandhi/status/2110234482116612123
अजिंक्य शिंदे ने हिरासत से बाहर आने के बाद कहा था, "आपको पता होगा कि आज आशुतोष, सौरव दास, मैं और CJP के वॉलंटियर्स जंतर-मंतर पर गए थे। हमने सिर्फ भारत का झंडा लहराया और भारत माता की जय बोला। तो इसके लिए इस मोदी-शाह की तानाशाही सरकार ने सौरव और आशुतोष को 5 दिन के लिए जेल में भेज दिया। इस तानाशाही सरकार का अंत होकर रहेगा। आज आशुतोष का बर्थडे था। अपने बर्थडे के दिन वह भारत माता की जय बोलने और भारत का झंडा फहराने के लिए उस जगह पर गए थे। मैं पूरे देश की जनता से कहना चाहता हूं कि इस सरकार ने अपनी सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए, अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करते हुए इस देश के लोगों के फंडामेंटल राइट्स तोड़ने शुरू कर दिए हैं। मैं आप सभी से कहना चाहता हूं कि हम सभी को एक साथ आकर इस तानाशाही सरकार का अंत करना होगा। मोदी और शाह ऐसा समझते होंगे कि 5 दिन जेल भेजने से हमारे आशुतोष और सौरव, हमारे दोनों नेता डर जाएंगे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। मैंने अभी कहा है, हम सिर उठाकर अंदर जा रहे हैं।
उन्होंने देश के लोगों से कहा है कि हम नहीं डरेंगे और इस तानाशाही सरकार का अंत करके रहेंगे।"
पुलिस के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का एक बार फिर उल्लंघन किया है। पुलिस ने उन्हें बार-बार अपराध करने वाला बताते हुए उनके पिछले व्यवहार का उल्लेख किया। पुलिस ने बताया कि दोनों ने अपने जमानत बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया है, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है।
हाल ही में जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे सहित CJP के कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग वाले जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की थी, जिसके कारण इन तीनों को हिरासत में ले लिया गया था।
इससे पहले, शनिवार को दिल्ली पहुंचने के बाद अभिजीत दीपक, सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया था। उस समय सुरक्षा के कड़े इंतजामों के कारण CJP का ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन नहीं हो सका था। तीनों को एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे।

