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वैभव को मौका नहीं मिला, गावस्कर-कैफ ने टीम मैनेजमेंट पर उठाए सवाल
आयरलैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका नहीं मिला। टीम मैनेजमेंट का कहना है कि वह मौजूदा विश्व विजेता टीम में कोई बदलाव नहीं करना चाहता था। हालांकि, इस फैसले पर पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि टीम मैनेजमेंट सभी खिलाड़ियों के साथ एक जैसी नीति नहीं अपना रहा। पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने BCCI पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जबकि सुनील गावस्कर ने भी वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने का समर्थन किया l
वैभव को डेब्यू दिलाने के पक्ष में थे मोहम्मद कैफ
टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशे ने कहा था कि वैभव सूर्यवंशी एक ओपनर हैं और टीम फिलहाल अपनी मौजूदा ओपनिंग जोड़ी—संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ ही आगे बढ़ना चाहती है। हालांकि, सीरीज में दोनों बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। ऐसे में पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का मानना है कि इन दोनों में से किसी एक की जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जाना चाहिए था।
कैफ ने BCCI की रणनीति पर उठाए सवाल
अपने यूट्यूब चैनल पर मोहम्मद कैफ ने कहा कि अगर टीम की सबसे मजबूत प्लेइंग इलेवन चुनी जाए, तो उसमें वैभव सूर्यवंशी की जगह बनती है।
कैफ के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट का कहना है कि वह खिलाड़ियों को लगातार मौके देना चाहता है, लेकिन हर बार इसी नीति पर अमल नहीं किया जाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाते समय युवा नेतृत्व की बात कही गई थी। इसी तरह टी20 वर्ल्ड कप के बाद भी भविष्य को ध्यान में रखने की दलील दी गई थी।
कैफ ने सवाल उठाया कि अगर टीम वास्तव में भविष्य की तैयारी कर रही है, तो फिर वैभव सूर्यवंशी को मौका क्यों नहीं दिया गया? उनके मुताबिक, 15 साल की उम्र में वैभव जैसी प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना टीम के भविष्य के लिए फायदेमंद होता।
गावस्कर भी डेब्यू के पक्ष में
सुनील गावस्कर ने भी आयरलैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को मौका दिए जाने की वकालत की। उनका मानना था कि टीम दोनों मैचों में अपनी ओपनिंग जोड़ी में बदलाव कर सकती थी।
गावस्कर ने कहा कि एक मैच में अभिषेक शर्मा और दूसरे में संजू सैमसन को आराम देकर वैभव को डेब्यू का मौका दिया जा सकता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैभव के खेलने से जीत की गारंटी नहीं होती—संभव है कि वह 10-15 रन बनाकर आउट हो जाते—लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव जरूर मिलता।
गावस्कर के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को समय-समय पर आजमाना जरूरी है, ताकि भविष्य के लिए टीम की मजबूत तैयारी हो सके।

