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'मुश्किल वक्त में जय शाह ने साथ दिया...', जीत के बाद गंभीर भावुक; द्रविड़-लक्ष्मण को...
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने T20 वर्ल्ड कप 2026 की ऐतिहासिक जीत को भारतीय क्रिकेट के उन दिग्गजों को समर्पित किया है, जिन्होंने टीम की मजबूत नींव तैयार की। रविवार (8 मार्च) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। यह भारत का तीसरा T20 वर्ल्ड कप खिताब है और वह इस टूर्नामेंट को लगातार दो बार जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है।


मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर काफी भावुक नजर आए और उन्होंने इस सफलता का श्रेय मौजूदा टीम के साथ-साथ उन लोगों को भी दिया जिन्होंने भारतीय क्रिकेट के ढांचे को मजबूत बनाया।
गंभीर ने सबसे पहले पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ को इस जीत का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि द्रविड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम की संरचना और स्थिरता को जिस तरह मजबूत किया, उसका फायदा टीम को आज भी मिल रहा है।

इसके बाद गंभीर ने वीवीएस लक्ष्मण की भी जमकर तारीफ की। लक्ष्मण वर्तमान में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से जुड़े हैं और युवा खिलाड़ियों को तराशने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गंभीर ने कहा: "सबसे पहले मैं यह ट्रॉफी राहुल भाई को समर्पित करना चाहता हूं और फिर लक्ष्मण भाई को। राहुल भाई ने भारतीय क्रिकेट को जिस तरह मजबूत रखा, वह अविश्वसनीय है।"
टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का जिक्र करते हुए गंभीर ने कहा कि उन्हें अक्सर आलोचना झेलनी पड़ती है, लेकिन टीम सिलेक्शन में उनकी ईमानदारी और प्रतिबद्धता शानदार रही है। गंभीर के अनुसार, अगरकर ने लगातार सही फैसले लेने की कोशिश की और टीम के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गौतम गंभीर ने BCCI सचिव जय शाह को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के सबसे कठिन समय में जय शाह ने ही उन पर भरोसा दिखाया था।

गंभीर ने खुलासा किया कि न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद जब उनका समय सबसे खराब चल रहा था, तब बहुत कम लोगों ने उन्हें फोन किया। उस मुश्किल घड़ी में सिर्फ जय शाह का फोन आया था। गंभीर ने कहा कि उनके पास पहले किसी राष्ट्रीय टीम का हेड कोच बनने का अनुभव नहीं था, फिर भी जय शाह ने उन पर भरोसा किया और यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ गौतम गंभीर ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट की यह सफलता केवल मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले दिग्गजों की सालों की मेहनत का परिणाम है।

