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क्या सोना छुएगा नया रिकॉर्ड? 16 हजार किलो सोने के मालिक ने ईरान युद्ध के बीच कीमतों को लेकर किया खुलासा
दुनिया की सबसे बड़ी पारिवारिक स्वामित्व वाली ज्वेलरी कंपनी जॉय अलुक्कास के मालिक भारतीय उद्योगपति जॉय अलुक्कास का कहना है कि मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध से सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी। उनका मानना है कि भू-राजनीतिक और आर्थिक जोखिमों से घिरी दुनिया में आने वाले वर्षों में सोने की कीमतें बढ़ती रहेंगी।
वे बताते हैं कि ईरान पर अमेरिकी हमले और उसके जवाब में दुबई पर किए गए ड्रोन हमले, जिनमें शहर के एयरपोर्ट और प्रसिद्ध बुर्ज अल अरब होटल को निशाना बनाया गया था, ऐसे जोखिमों के उदाहरण हैं। जॉय अलुक्कास ग्रुप के मालिक ईरानी हमले के दौरान दुबई में मौजूद थे। इस दौरान दुबई से ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि, ‘जब भी दुनिया में तनाव होता है, तब लोग स्वाभाविक रूप से सुरक्षा के लिए सोने की ओर रुख करते हैं। इससे कुछ दिनों के लिए सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।’
उन्होंने कहा कि, ‘आने वाले 2-3 वर्षों में, जब तक दुनिया में वास्तव में शांति और सुधार नहीं होता, खासकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक भू-राजनीति में, मुझे सोने की कीमतों में कोई बड़ी गिरावट दिखाई नहीं देती। कभी-कभी गिरावट हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर सोना बढ़ेगा।’
उनकी टिप्पणियां दिखाती हैं कि वैश्विक सोना निवेशक हाल की अस्थिरता को कैसे देख रहे हैं। पिछले वर्ष सोने की कीमतों में 75 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जो प्रति औंस 5,000 डॉलर से अधिक तक पहुँच गई है और जनवरी में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची थी। 69 वर्षीय अलुक्कास के अनुसार उनके पास UAE, भारत, अमेरिका और अन्य देशों में उनके लगभग 200 स्टोर्स में सोने की बार और आभूषण सहित लगभग 16,000 किलोग्राम सोने का भंडार है। उन्होंने कहा कि जब सोने की कीमतें बढ़ती हैं, तो उनके स्टॉक का मूल्य भी बढ़ जाता है।
लंबे समय तक स्टॉक रखने से उन्हें 10 से 20 प्रतिशत की कीमतों के उतार-चढ़ाव का सामना करने में मदद मिलती है। हालांकि दूसरी ओर, उन्हें आज की ऊँची कीमतों पर नया स्टॉक खरीदना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्किंग कैपिटल बढ़ जाती है और स्टॉक को फिर से भरने की लागत हर बार बढ़ती जाती है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 5.8 अरब डॉलर है।
अलुक्कास ने कहा कि मध्य-पूर्व में हाल की उथल-पुथल जैसी कोई क्षेत्रीय घटना आमतौर पर सोने की कीमतों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं होती। सोने की कीमतों में तेज और स्थायी वृद्धि के लिए अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर, मुद्रास्फीति और वैश्विक निवेशकों का विश्वास जैसे बड़े वैश्विक कारकों की आवश्यकता होती है। दुबई में हुए हमलों ने एक और समस्या खड़ी कर दी है। स्कूल बंद हो गए हैं, कई लोगों को घर से काम करना पड़ रहा है और समृद्ध विदेशी आबादी में चिंता बढ़ गई है।
अलुक्कास के अनुसार इन घटनाओं से पहले ही निवेश के उद्देश्य से सोने की बार और सिक्कों की मांग बढ़ रही थी। अब ग्राहकों में निवेश के रूप में 10-ग्राम और 50-ग्राम चांदी की बार खरीदने का नया ट्रेंड भी शुरू हो गया है। पहले जॉय अलुक्कास मुख्य रूप से सजावटी चांदी के आभूषण जैसे पायल और बेल्ट बेचते थे। उन्होंने कहा कि उनके अधिकांश ग्राहक भारतीय हैं और वे अभी भी शादी, त्योहार, जन्मदिन और फादर्स डे के लिए आभूषण खरीदते हैं। हालांकि सोने की कीमतों में हाल में हुई तेज बढ़ोतरी से ग्राहकों की खरीद क्षमता पर असर पड़ा है, जिससे हल्के वजन के आभूषणों की लोकप्रियता बढ़ गई है।
भारत कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है, इसके बाद UAE और अमेरिका आते हैं। जॉय अलुक्कास के पिता अलुक्का जोसेफ वर्गीस ने लगभग 70 वर्ष पहले केरल में एक छोटी दुकान में व्यवसाय शुरू किया था। जॉय अलुक्कास ने 16 वर्ष की उम्र में अपने पिता को व्यवसाय में मदद करना शुरू किया था।
1980 के दशक के अंत में उन्होंने कंपनी का विदेश में विस्तार किया और UAE में उसका पहला विदेशी शोरूम खोला। इसके बाद उन्होंने जॉय अलुक्कास ग्रुप का विकास किया, जिसके आज 12 देशों में 178 शोरूम हैं।
लगभग एक दशक पहले जॉय अलुक्कास ने अमेरिकी बाजार में भी प्रवेश किया और अब वे बड़ी भारतीय डायस्पोरा आबादी वाले शहरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। फिलहाल अमेरिका में उनके 7 स्टोर हैं, जिन्हें अगले वर्ष के अंत तक 11 तक बढ़ाने की योजना है। वे न्यूजीलैंड और कनाडा में भी नए स्टोर खोलने की तैयारी कर रहे हैं। उनके बेटे जॉन पॉल अलुक्कास अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय का संचालन करते हैं, जबकि उनके दो दामाद भारत में कंपनी के संचालन में शामिल हैं। हाल ही में ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव हुआ है। अलुक्कास ने कहा कि, ‘हमारा मानना है कि लंबे समय में सोना एक ही दिशा में आगे बढ़ेगा, और हम हेजिंग में विश्वास नहीं करते।’

