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सूरत समेत 6 मनपा का कार्यकाल पूरा, चुनाव होने तक प्रशासक संभालेंगे जिम्मेदारी, सूरत की जिम्मेदारी मिलिंद तोरवण को
सूरत। गुजरात में सूरत समेत छह महानगरपालिकाओं का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि अब तक स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा नहीं की गई है। उम्मीद है कि अप्रैल में घोषणा हो सकती है। जिन छह महानगरपालिकाओं का कार्यकाल पूरा हो चुका है उनमें- सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट, जामनगर और भावनगर हैं। अब जब तक यहां चुनाव नहीं हो जाते हैं तब तक इन मनपा की जिम्मेदारी प्रशासकों के हवाले रहेगी। सारे महत्वपूर्ण फैसले अब वही करेंगे। यही कारण है कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार द्वारा नई अधिसूचना जारी की गई है। इसके अनुसार अब अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, जामनगर और भावनगर महानगरपालिकाओं का संचालन प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए आईएएस अधिकारियों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है।
सरकार के आदेश के अनुसार अहमदाबाद शहर में अब शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश कुमार को प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वडोदरा में जीयूवीएनएल की मैनेजिंग डायरेक्टर शालिनी अग्रवाल को जिम्मेदारी दी गई है। सूरत शहर में शिक्षा सचिव मिलिंद तोरवणे को और भावनगर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव हर्षद पटेल को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है। जबकि राजकोट में रेम्या मोहन और जामनगर में आरती कंवर की नियुक्ति की गई है। जिन 6 महानगरपालिकाओं में प्रशासकों की नियुक्ति की गई है, उनमें से अधिकांश अधिकारी पहले उसी जिले में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसलिए उस शहर का उन्हें पहले से अनुभव है।
इसलिए समय पर नहीं हो सके चुनाव
दरअसल, राज्य में नवंबर से ही एसआईआर की प्रक्रिया चल रही थी। यह फरवरी में पूरी हुई। इसी कारण स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव समय पर नहीं हो पाए। इसके परिणामस्वरूप नई चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक शहरों के प्रशासन के लिए राज्य सरकार ने यह प्रशासनिक व्यवस्था लागू की है। इधर, राज्य में आने वाले अप्रैल-मई महीनों में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव होने की संभावना है। इसके चलते राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने तो तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। कांग्रेस ने स्थानीय स्वराज्य चुनावों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग सात समितियों का गठन किया है और बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। उम्मीदवारों के चयन के लिए जरूरी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

