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शनिदेव महाराज को प्रसन्न करना है तो पूजा से पहले बदलें अपना व्यवहार, इन 8 गुणों को अपनाएं
न्याय के देवता शनिदेव महाराज को प्रसन्न करने का सबसे सटीक उपाय पूजा पाठ से भी अधिक चरित्र है। शनिदेव महाराज कर्म के देवता हैं भौतिक विधि से अधिक महत्वपूर्ण है कि आप कैसे व्यक्ति बन रहे हैं यही उन्हें अधिक प्रसन्न करता है।
कुछ गुणों को दैनिक जीवन में विकसित करें...
1. अनुशासन का पालन करें
दैनिक नियम का पालन करें। समय पर उठें, अपना काम पूरा करें, दिए हुए वचन निभाना जानें। शनिदेव महाराज “आज नहीं तो कल”वाले व्यक्तित्व मन को पसंद नहीं करते। नियमितता ही उनकी कृपादृष्टि की चाबी है।
2. धैर्य रखें
इच्छित कार्य का फल तुरंत न मिले तो भी निरंतर प्रयास जारी रखें। शनिदेव महाराज धीमे हैं लेकिन जो देते हैं वह उत्तम देते हैं। जल्दबाजी, गुस्सा और निराशा उन्हें निराश ही करेंगे।

3. ईमानदारी / पारदर्शिता रखें
झूठ न बोलें, धोखाधड़ी न करें, छोटे रास्ते न आजमाएं। काम में, पैसों में और संबंधों में सच्चे व्यवहारिक रहें। शनिदेव महाराज न्याय के देवता हैं अन्याय और कपट उन्हें सबसे अधिक नाराज करते हैं।
5. मेहनत और जिम्मेदारी स्वीकार करें
कार्य कठिन हो तो भी करें। दूसरों का भार अपने ऊपर लेने की तैयारी रखें। शनिदेव महाराज मजदूर, कर्मचारी और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति के रक्षक बनते हैं।
5. विनम्रता रखें
सफलता आने पर भी विनम्र रहें। अपने बड़ों, नौकर चाकर, गरीब और असहाय लोगों का अपमान कभी न करें और अपमानजनक विचारों और भाव से दूर रहें। शनिदेव महाराज अहंकार को टिकने नहीं देते और अहंकारी व्यक्तियों का साथ नहीं देते इसलिए अहंकार से दूर रहें।

6. सेवाभाव विकसित करें
गरीब को अन्न, वृद्ध को सम्मान, मजदूर को उचित मेहनताना, पशु पक्षियों को भोजन... यह सब शनिदेव महाराज को अत्यंत प्रिय है। दान “दिखाने” के लिए नहीं बल्कि दयाभाव से निःस्वार्थ करें।
7. संयम और सादगी रखें
अधिक वैभव, व्यसन, आलस्य और विलासी बनने से बचें। सादा जीवन, स्वच्छ विचार और विचारों पर नियंत्रण... यह शनिदेव महाराज को बहुत पसंद है।
8. न्यायप्रिय बनें
दूसरों के हक हिस्से को न हड़पें। मजदूरवर्ग कामगार का वेतन मेहनताना न रोकें, किसी के साथ अन्याय न करें, अनैतिक बातों में किसी का साथ न दें। जो व्यक्ति न्यायपूर्ण भाव रखता है शनिदेव महाराज उसके रक्षक बनते हैं।
सार रूप में याद रखें... शनिदेव महाराज को प्रसन्न करने के लिए सच्चे बनें, धैर्यवान बनें, मेहनती बनें, विनम्र बनें और सेवा करें।
पूजा मंत्र होमहवन इन गुणों के साथ मिलें तभी सच्चा फल देते हैं। पहले उपरोक्त गुण विकसित कर लें शनिदेव महाराज जरूर आपका साथ देंगे।

