- Hindi News
- राष्ट्रीय
- यूपी के सहारनपुर में 70 साल पुरानी मस्जिद पर आधी रात को बुलडोजर चला, विपक्ष के नेताओं को हाउस अरेस्ट...
यूपी के सहारनपुर में 70 साल पुरानी मस्जिद पर आधी रात को बुलडोजर चला, विपक्ष के नेताओं को हाउस अरेस्ट, मायावती भी भड़कीं
सहारनपुर कलेक्टर (DM) कार्यालय परिसर में स्थित मस्जिद को रातोंरात बुलडोजर चलाकर गिराए जाने के बाद कैराना की समाजवादी पार्टी (SP) की सांसद इकरा हसन ने दावा किया है कि उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के मुताबिक यह निर्माण अवैध और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण था, जिसके कारण मस्जिद कमिटी/कब्जेदारों पर करीब ₹6.41 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस 70 साल पुरानी मस्जिद को गिराया जा रहा है। शनिवार तड़के 4 बजे से 6 बुलडोजर मस्जिद को जमींदोज करने की कार्रवाई में जुटे हैं। इसका एक हिस्सा गिरा दिया गया है। एहतियात के तौर पर PAC की 5 कंपनियां, RAF और 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस किसी को भी मस्जिद के पास जाने नहीं दे रही है।
इससे पहले शुक्रवार रात 11 बजे अफवाह फैली थी कि प्रशासन मस्जिद गिराने जा रहा है, जिसके बाद भारी भीड़ जमा हो गई थी। जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और लोगों को वहां से हटाया। इस कार्रवाई का विरोध करने सहारनपुर आ रही कैराना की सांसद इकरा हसन को पुलिस ने नजरबंद कर लिया था।

इस घटना के बाद कैराना लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली 32 वर्षीय सांसद इकरा हसन ने बताया कि जब वह स्थानीय लोगों की चिंताओं और मुद्दों को लेकर अधिकारियों से मिलने सहारनपुर जाने के लिए निकल रही थीं, तब उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। उल्लेखनीय है कि सहारनपुर जिला कैराना संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
इकरा हसन ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा, मुझे कल रात सहारनपुर जाने से रोकने के लिए मेरे कैराना स्थित आवास पर भारी पुलिस बंदोबस्त करके नजरबंद कर दिया गया। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की जनता की आवाज उठाने के लिए चुना जाता है। मुझे रोककर उस आवाज को दबाया नहीं जा सकता। क्या अपने क्षेत्र के सवालों को लेकर अधिकारियों से मिलना अपराध हो गया है?
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक रहस्यमय पोस्ट करते हुए लिखा, सद्भावना बनाए रखना ही सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और यही उसकी उपलब्धि भी है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि मस्जिद गिराए जाने के मुद्दे पर इकरा हसन आवाज न उठा सकें, इसलिए ही उन्हें सहारनपुर जाने से रोका गया है।

बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने सहारनपुर कलेक्टर कार्यालय परिसर में बनी मस्जिद को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करने के अलावा इस जगह का व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसमें पोस्ट ऑफिस चलाना और बाहरी लोगों को कमरे किराए पर देकर मस्जिद कमिटी द्वारा किराया वसूलना भी शामिल है।
इस मामले में सुनवाई के बाद सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने इस अवैध निर्माण को तत्काल जमींदोज करने का आदेश दिया था। प्रशासन के मुताबिक, सरकारी कार्यालय परिसर में ऐसी गतिविधियों और अतिक्रमण से कार्यालय की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए खतरा पैदा हो रहा था।
अखिलेश यादव के बाद बसपा (BSP) सुप्रीमो मायावती ने भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध घोषित करके मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों पर जल्दबाजी में चलाए जा रहे बुलडोजर के खिलाफ विरोध जताया था। सोशल मीडिया 'X' पर एक लंबी पोस्ट में मायावती ने ऐसी कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के लिए अन्य विकल्प तलाशे जाने चाहिए ताकि समाज पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी धर्मों के लोगों और उनके धार्मिक स्थलों को समान सम्मान और सुरक्षा दे।

इसके अलावा, उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना आरोपियों के घरों को तोड़ने की कार्रवाई पर चिंता जताते हुए मायावती ने कहा कि, किसी एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पूरे परिवार को बेघर करना या सामूहिक सजा देना चिंताजनक है। सरकार को 'कानून द्वारा कानून का राज' स्थापित करना चाहिए। उन्होंने सरकार और अदालतों से ऐसे मामलों में गहराई से विचार करने और सभी पक्षों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की थी।
सहारनपुर की यह घटना उत्तर प्रदेश में अवैध या अतिक्रमण वाली जमीनों पर बने धार्मिक ढांचों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का ही एक हिस्सा है। हालांकि, तोड़फोड़ की इन कार्रवाइयों से पहले अदालत के दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन होता है या नहीं, इसे लेकर भी अदालतों में सवाल उठे हैं।

