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‘नहीं तो गुनाह हो जाएगा', प्रेमानंद महाराज की 'हनुमान अंश' के निर्माताओं को चेतावनी, किस बात का डर सताया?
नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की जगह-जगह चर्चा हो रही है। सिर्फ ₹2 करोड़ के साधारण बजट में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ₹50 करोड़ की शानदार कमाई कर चुकी है। फिल्म बनाने से पहले, निर्माता अनुप्रिया नागर ने प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया था। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मार्गदर्शन मांगा था, और उनके सुझावों को ध्यान में रखते हुए फिल्म में काम किया।
निर्माता ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि ऐसे आध्यात्मिक मार्ग पर रहते हुए फिल्म बनाना भी यह सेवा बन सकती है? जवाब में, प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि, ध्यान रहे कि महापुरुषों का अनुकरण करना मुश्किल है। कोई सांसारिकता न आए, क्योंकि महापुरुष के चरित्र को देखकर हमारे अंदर वैराग्य, भक्ति और ज्ञान तीनों बातें आनी चाहिए। कहीं किसी महापुरुष के चरित्र में ऐसा कोई भी दृश्य अथवा कोई भी ऐसा अभिनय प्रस्तुत न किया जाए, जो अपराध लगे, जैसे नीम करौली बाबा एक भागवत प्राप्त महापुरुष हैं, तो इन महापुरुषों का अनुकरण एक तो किया नहीं जा सकता। क्योंकि स्थिति नहीं है।

यदि हम बाहरी व्यक्तियों का अनुकरण करते हैं तो हमें अभिनय में ध्यान रखना है कि कहीं अपनी फिल्म की या अपने नाटक के लिए लोकप्रियता पाने के लिए कोई विषय न परोस दें। हम ऐसा कुछ न कर दें जो महानपुरुष के अभिनय से अलग हो और वह हमारे लिए अपराध बन जाए। इसलिए, सावधान रहें। लोग उसे देखें या न देखें, आपने उनके बारे में जो पढ़ा और सुना है उसे बिल्कुल उसी तरह प्रदर्शित करें; प्रमाणित या अप्रमाणित न किया जाए।
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि, सिर्फ लोकप्रियता के लिए अभिनय में सांसारिकता या संवेदनात्मक सामग्री न परोस दी जाए; नहीं तो अपराध हो जाएगा क्योंकि, महापुरुष का चरित्र निर्विषय होता है। उनका चरित्र लोकपावन करने वाला होता है। यदि किसी महापुरुष का चित्रण करना हो, तो हमें कुछ दिन साधना करनी होगी। फल-फूल आदि खाकर रहना चाहिए। उसके लिए, पवित्र फलाहार और शुद्ध सात्विक भोजन, संतों का साथ और संतों के चरित्र को पढ़ें... तभी आप वास्तव में ऐसे महापुरुषों का अभिनय कर सकते हैं। वरना, बाहरी नाटक दिखा सकते हैं। लेकिन उसमें सत्यता नहीं ला सकते। अभिनय में सत्यता लाने के लिए अपने अंदर साधना करनी होगी। संतों का चरित्र सुने बिना, दिल में भक्ति नहीं आ सकती।

हनुमान अंश फिल्म के निर्माताओं ने प्रेमानंद महाराज के शब्दों को गंभीरता से लिया। शायद यही कारण है कि फिल्म फ्लॉप होने से बाल-बाल बच गई; 17वें दिन उसकी कमाई में बढ़ोतरी हुई। तब से फिल्म ब्लॉकबस्टर हो गई है, उसने 25 दिनों में 50 करोड़ की कमाई की है।

