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बॉलीवुड अभिनेता ने CM भूपेंद्र पटेल से मिलकर गुजराती फिल्मों के लिए कर दी यह मांग
फिल्म अभिनेता दीपक तिजोरी मंगलवार को गांधीनगर सचिवालय पहुंचे थे। सचिवालय में उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के समक्ष गुजराती फिल्म इंडस्ट्री को प्राथमिकता देने को लेकर प्रस्तुति दी थी। इस दौरान उन्होंने गुजराती फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रस्तुति दी थी। गुजराती फिल्मों को अधिक प्रोत्साहन मिले और राज्य में गुजराती सिनेमा के विकास के लिए अनुकूल माहौल बने, इसे लेकर उन्होंने सरकार के समक्ष अपनी बात रखी है। खास तौर पर गुजराती फिल्मों को थिएटरों में उचित स्क्रीन नहीं मिलने का मुद्दा उन्होंने उठाया था।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने जोर दिया है कि, दीपक तिजोरी ने प्रस्तुति देते हुए बताया था कि, गुजराती फिल्मों को दर्शकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिलने के बावजूद कई बार फिल्मों को पर्याप्त स्क्रीन नहीं मिलती या हिंदी तथा अन्य भाषाओं की फिल्में आने पर गुजराती फिल्मों को थिएटर से हटा दिया जाता है। जिसके कारण गुजराती फिल्मों के निर्माता, कलाकार और पूरी फिल्म इंडस्ट्री को नुकसान होने की बात रखी गई थी।
उन्होंने कहा कि, 'किसी भी तरह गुजराती फिल्म को एक स्क्रीन मिले' ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि गुजराती फिल्में दर्शकों तक पहुंच सकें और निर्माताओं को अपनी फिल्म रिलीज करने का उचित अवसर मिल सके।

गुजराती फिल्मों को प्रोत्साहन देने के लिए महाराष्ट्र की तरह गुजरात में भी स्थानीय भाषा की फिल्मों के लिए स्क्रीन आवंटन को लेकर नियम बनाने की मांग दीपक तिजोरी ने की थी। उनका उद्देश्य ऐसा नियम बनाना है कि थिएटर मालिकों को भी आर्थिक नुकसान न हो और गुजराती फिल्मों को भी उचित मात्रा में स्क्रीन मिलती रहे।
दीपक तिजोरी ने फिल्मों के कंटेंट और प्रोडक्शन स्टैंडर्ड को और ऊंचा उठाने की जरूरत को लेकर भी चर्चा की थी। फिल्मों में अधिक बजट का निवेश हो, बड़े पैमाने पर फिल्में बनें और राष्ट्रीय स्तर पर गुजराती सिनेमा की पहचान और मजबूत हो, इसके लिए उद्योग को प्रोत्साहन देने की मांग की गई थी।
गुजराती कलाकारों, प्रोड्यूसरों, निर्देशकों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री को सरकार की ओर से उचित सहयोग मिले तो और बेहतर तथा बड़े बजट की फिल्में बन सकती हैं, ऐसी प्रस्तुति भी की गई थी। गुजराती फिल्मों को गुजरात में ही उचित सम्मान, दर्शकों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त स्क्रीन और प्रोत्साहन मिले, इसके लिए नीति बनाने की मांग के साथ दीपक तिजोरी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने सुझाव रखे थे।
गुजराती फिल्म इंडस्ट्री को और मजबूत बनाने के लिए सरकार के सहयोग की जरूरत पर जोर दिया गया है। गुजराती फिल्मों को उचित प्लेटफॉर्म और दर्शक मिलें तो स्थानीय कलाकारों, निर्माताओं और तकनीशियनों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
हालांकि, ऐसी किसी नई नीति को लेकर गुजरात सरकार की ओर से इस चरण में आधिकारिक निर्णय घोषित हुआ हो, ऐसा सामने नहीं आया है। दीपक तिजोरी की प्रस्तुति के बाद सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और फिल्म उद्योग के साथ आगे चर्चा करती है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

