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पश्चिम बंगाल: मैं वकील हूं और अब खुलकर लड़ूंगी’; भाजपा के खिलाफ ममता बनर्जी की बड़ी घोषणा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ममता बनर्जी ने हुंकार भरते हुए कहा कि, ‘मैं खुद एक वकील हूं, और अब भाजपा के खिलाफ यह कानूनी और राजनीतिक लड़ाई खुलकर लड़ी जाएगी।’ ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगाल में तानाशाही का दौर शुरू हो गया है, जहां उन्हें प्रतिष्ठित व्यक्तियों की जयंती मनाने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कालीघाट मोड़ और फायर ब्रिगेड स्टेशन जैसे स्थानों पर टैगोर की जयंती मनाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने तीनों स्थानों के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसे लोकतंत्र की ह*त्या बताते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि TMC को चुप कराने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन निडर नागरिक अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए एकजुट होकर जवाब देंगे।
ममता ने बेहद भावुक होकर आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में आतंक फैला रही है। उन्होंने 92 वर्षीय दलित महिला और नवविवाहित दुल्हन को अपना घर खाली करने का उल्लेख करते हुए पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठाए। अपनी सुरक्षा हटाए जाने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि जब वे 2011 में सत्ता में आई थीं, तब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा था; हालांकि, भाजपा ने सत्ता संभालते ही उनकी सुरक्षा तुरंत हटा दी थी।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि देशभर के कई बड़े विपक्षी नेता उनके संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खड़गे से बात की है। उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता भी उनके साथ हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे अनुभवी वकील इस कानूनी लड़ाई में अपना समर्थन देंगे। सांसद महुआ मोइत्रा का उल्लेख करते हुए ममता ने आरोप लगाया कि दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में यात्रा करते समय उन्हें परेशान किया गया था। ममता के अनुसार, उनके पास इस घटना के ठोस सबूत और वीडियो फुटेज हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे और उनकी पार्टी के वकील-नेता, जैसे कल्याण बनर्जी, इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे।

