नौकरीपेशा को सबसे बड़ी राहत…अगले महीने से एटीएम और यूपीआई से तुरंत निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा, जानिए क्या है तरीका?

EPFO 3.0 से कम कागजी कार्रवाई और तेज सेटलमेंट की सुविधा मिलेगी

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नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ को लेकर केंद्र सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार यह कदम उठा रही है। दरअसल, सरकार अपने करोड़ों सदस्यों के लिए पीएफ निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और आसान बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार EPFO 3.0 ला रही है जो पूरी तरह से डिजिटल अपग्रेड होगा। इस पहल के तहत मई के अंत तक एटीएम और यूपीआई के जरिए पीएफ का पैसा निकालने की सुविधा शुरू की जा सकती है। इस नई व्यवस्था का फायदा करीब 7.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स को मिलेगा।

नई प्रणाली लागू होने के बाद खाताधारकों को पीएफ निकालने के लिए दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। क्लेम प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज होगी और कई मामलों में पैसा सीधे कुछ दिनों के भीतर खाते में पहुंच जाएगा। ईपीएफओ का लक्ष्य है कि 2026 के मध्य तक यह पूरा सिस्टम पूरी तरह लागू कर दिया जाए। इसके साथ ऑटो-क्लेम सेटलमेंट, पेपरलेस प्रक्रिया और नौकरी बदलने पर पीएफ बैलेंस का ऑटो ट्रांसफर जैसी सुविधाएं भी शुरू होंगी।

आइए सबसे पहले जानते हैं कि क्या है EPFO 3.0

यह कर्मचारियों की सैलरी से कटन वाली एक निश्चित राशि है जिसे ईपीएफओ मैनेज करता है। यह पीएफ कहलाता है। यह रिटायरमेंट के लिए बचत सुनिश्चित करता है। EPFO 3.0 इसका नया डिजिटल अपग्रेड है, जिसे पीएफ प्रक्रिया को तेज और यूजर फ्रेंडली बनाने के लिए तैयार किया गया है। अभी ईपीएफओ में करीब 7.8 करोड़ सदस्य हैं। नई प्रक्रिया के तहत 5 लाख रुपये तक के क्लेम ऑटोमेटिक सेटल किए जाएंगे। इससे क्लेम मिलने का समय 10-20 दिन से घटकर 2 से 5 दिन रह सकता है। आधार-वेरिफाइड खातों में चेक या पासबुक अपलोड करने की जरूरत भी नहीं होगी।

एटीएम और यूपीआई से आप कैसे निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा?

नई व्यवस्था के तहत ईपीएफओ अपने सब्सक्राइबर्स को विशेष एटीएम कार्ड जारी करेगा, जो उनके पीएफ अकाउंट से लिंक रहेगा। इस कार्ड की मदद से सदस्य सीधे एटीएम मशीन से पैसा निकाल सकेंगे। वहीं यूपीआई सुविधा के जरिए खाताधारक अपने पीएफ अकाउंट को यूपीआई से लिंक कर सकेंगे। इसके बाद फोनपे, गूगलपे जैसे एप के माध्यम से अधिकतम 1 लाख रुपए तक तुरंत ट्रांसफर किया जा सकेगा। इससे आप अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।

निकासी के लिए जरूरी शर्तें क्या होंगी, आइए जानते हैं

एटीएम और यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी के लिए सदस्य का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक्टिव होना जरूरी होगा। इसके साथ आधार, पैन, बैंक अकाउंट नंबर और आईएफसी कोड लिंक होना भी अनिवार्य रहेगा। 
अगर किसी कर्मचारी की नौकरी छूट जाती है, तो वह एक महीने बाद पीएफ खाते से 75% राशि निकाल सकता है। बाकी 25% राशि दो महीने बाद निकाली जा सकती है।

सरकार क्या निकासी सीमा भी तय करेगी

ईपीएफओ एटीएम और यूपीआई से निकासी की अधिकतम सीमा तय करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक सदस्य अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि का अधिकतम 50% ही निकाल सकेंगे। हालांकि, 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद पूरी राशि निकालने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, लेकिन इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

  • EPFO 3.0 की बड़ी सुविधाएं क्या-क्या होंगी
  • 5 लाख रुपये तक ऑटो-क्लेम सेटलमेंट
  • 2 से 5 दिन में क्लेम निपटान की संभावना
  • एटीएम और यूपीआई से पीएफ निकासी
  • आधार-वेरिफाइड खातों के लिए पेपरलेस प्रक्रिया
  • नौकरी बदलने पर पीएफ बैलेंस का ऑटो ट्रांसफर
  • केवाईसी अपडेट और क्लेम में कंपनी की मंजूरी की जरूरत कम
  • निकासी की 13 कैटेगरी घटाकर 3 श्रेणियां बनाई जाएंगी

पीएफ निकासी पर टैक्स के नियम हैं

अगर कर्मचारी ने नौकरी करते हुए कुल 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, तो पीएफ निकालने पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा। यह अवधि एक या एक से ज्यादा कंपनियों की नौकरी को मिलाकर भी पूरी की जा सकती है।

लेकिन इस बात का ध्यान जरूर रखें…

विशेषज्ञों का कहना है कि पीएफ रिटायरमेंट के लिए सबसे अहम बचत योजनाओं में से एक है। इसमें मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करता है। इसलिए जरूरत पड़ने पर ही पीएफ की निकासी करना बेहतर माना जाता है।

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