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क्या महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसा सियासी खेल अब यूपी में भी होगा? बगावत क्यों हो रही है?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कानपुर में मीडिया से बात करते हुए दावा किया था कि समाजवादी पार्टी के 25 से 26 सांसद फिलहाल पार्टी बदलने और पार्टी को तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। टीएमसी और शिवसेना में हुए विभाजन का उल्लेख करते हुए भाजपा के नेता समाजवादी पार्टी में भी विभाजन का दावा कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया था कि भाजपा फिलहाल उनके दल में खुद विभाजन नहीं करवा रही है, लेकिन ये नेता 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक स्वयं ही पार्टी छोड़ देंगे। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच राम मंदिर मुद्दे पर भी बयान दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में ममता बनर्जी की पार्टी में विभाजन हुआ है और उसके कुछ सांसदों ने बगावत कर एनडीए का समर्थन कर दिया है। वहीं आज महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी टूटने के बाद उसके 6 सांसदों ने बगावत की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह बगावत हो क्यों रही है और यह कहां जाकर रुकेगी?
इससे पहले, राज्य सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर द्वारा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सनसनी मचा दी थी। राजभर ने लिखा था कि समाजवादी पार्टी में बड़ा विभाजन होगा और राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र सौंपा है। खनन और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश इसके मुख्य सूत्रधारों को जानता है। शक की सुई अपनी ओर आती देख समाजवादी पार्टी चिंतित है और पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मंत्री मनोज पांडेय ने भी कहा कि सत्ता में रहते हुए लोगों को भगाने वाली समाजवादी पार्टी के साथ कोई भी रहना नहीं चाहता।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। विधानसभा में विपक्ष के नेता और समाजवादी पार्टी के विधायक माता प्रसाद पांडेय ने लखनऊ में कहा कि ओम प्रकाश राजभर खुद एक घोटालेबाज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में तानाशाही चल रही है और मुख्यमंत्री की भाषा-शैली अनुचित है। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने राजभर को दोहरे चेहरे वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे केवल अपना मंत्री पद बचाए रखने के लिए ऐसे बयान देते हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी का एक भी नेता भाजपा में शामिल नहीं होगा और 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
इस दौरान, कानपुर में राम मंदिर की दानपेटी से चोरी के मामले पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मामला जांच के अधीन है, तो फिर एफआईआर क्यों दर्ज की जाए? उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जिसने भी दानपेटी के पैसे का गबन किया है, उसे न केवल कानूनी सजा मिलेगी बल्कि उसे जीवन में कभी सुख भी नहीं मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद सारा पैसा वापस मिल जाएगा और हनुमान जी सब ठीक कर देंगे।

