- Hindi News
- राष्ट्रीय
- सूरत के लिए बड़ा फैसला: 30 जून तक नया पीएनजी कनेक्शन लो और 500 रुपये की छूट पाओ, केवल 7 दिन में मिलेग...
सूरत के लिए बड़ा फैसला: 30 जून तक नया पीएनजी कनेक्शन लो और 500 रुपये की छूट पाओ, केवल 7 दिन में मिलेगा कनेक्शन
मजदूरों का पलायन रुके और उनकी आजीविका पर संकट न हो, इसलिए छोटे सिलेंडर दिये जा रहे हैं
सूरत। ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। भारत भी इससे काफी प्रभावित हुआ है। हालांकि केंद्र सरकार की अच्छी विदेश नीति के कारण हालात अभी भी काबू में हैं। बावजूद इसके ईंधन की कमी से उद्योगों पर असर पड़ा है और इससे श्रमिक वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। अब श्रमिकों के पलायन को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि उनकी आजिविका पर संकट न हो। इसी के मद्देनजर सूरत जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (पीएनजी और एलपीजी) सहित जीवन जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीएसपीसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर अवंतिका सिंह की अध्यक्षता में जिला सेवा सदन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नागरिकों को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की गई। खास तौर पर घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने और उसकी प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान बताया गया कि सूरत शहर आज गैस पाइपलाइन नेटवर्क के मामले में अग्रणी शहरों में शामिल है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) से जोड़ने के लिए नई प्रोत्साहन योजना लागू की गई है।
इसके तहत जो उपभोक्ता 30 जून तक नया घरेलू पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें 500 रुपये की विशेष छूट दी जाएगी। यह राशि कनेक्शन इंस्टॉल होने के बाद उपभोक्ता के पहले गैस बिल में क्रेडिट के रूप में समायोजित की जाएगी।
पीएनजी को घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य
अवंतिका सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में यह योजना लागू की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार पारंपरिक ईंधन के बजाय पाइप्ड गैस सुविधा का लाभ उठा सकें।
पीएनजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को बनाया गया सरल
नागरिकों को लंबे समय से नए गैस कनेक्शन की प्रक्रिया में देरी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी दर्शन शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक नया पीएनजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 45 दिन का समय लगता था, लेकिन अब इस प्रक्रिया को डिजिटल और सुव्यवस्थित बनाकर इसे घटाकर सिर्फ 7 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से खासकर नए मकानों में रहने जा रहे परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। तेजी से बढ़ते शहरी विकास के बीच यह निर्णय नागरिक सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पेट्रोल, डीजल और फर्टिलाइजर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
बैठक में ईंधन आपूर्ति को लेकर भी सूरतवासियों को आश्वस्त किया गया। अवंतिका सिंह ने कहा कि राज्य सरकार तेल और गैस कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है और वर्तमान में राज्य में पेट्रोल, डीजल और फर्टिलाइजर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए एडवांस प्लानिंग भी कर ली गई है, ताकि किसी भी स्थिति में आपूर्ति प्रभावित न हो। उन्होंने सूरत महानगरपालिका और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क के कारण शहर की वितरण व्यवस्था काफी मजबूत बनी हुई है। इससे आम नागरिकों तक आवश्यक वस्तुएं समय पर पहुंच रही हैं।
कामगारों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार गुजरात में पीएनजी कनेक्शन के मामले में सेवाकीय संस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। सूरत जिले में स्कूल-कॉलेज, अस्पतालों और वृद्धाश्रमों में पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज किया गया है। अब तक कुल 1805 कमर्शियल आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा 39 अस्पतालों और 16 रेलवे कैंटीनों में गैस सप्लाई शुरू करने की मंजूरी भी दी गई है। औद्योगिक इकाइयों की कैंटीन और मेस में कामगारों के भोजन की व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए गैस सिलेंडर और पाइपलाइन सिस्टम को और मजबूत बनाया गया है।
प्रवासी मजदूरों को छोटे सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं
सामान्य और श्रमिक वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के डीलरों द्वारा 3 किलो और 5 किलो के छोटे गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। यह सुविधा खास तौर पर प्रवासी मजदूरों और छोटे परिवारों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। समीक्षा बैठक में सूरत जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ पारधी, म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन, रेजिडेंट अतिरिक्त कलेक्टर विजय रबारी, डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर दिनेश गुरव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आपसी समन्वय बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि जीवन जरूरी वस्तुएं अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंचें।

