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चुनाव कभी भी घोषित हो, उम्मीदवार कोई भी हो, लेकिन हमारा वोट तो कमल के निशान पर ही जाएगा
(उत्कर्ष पटेल)
भाजपा के कार्यकर्ताओं की समर्पण भावना अनोखी मानी जाती है। वे सिर्फ सदस्य नहीं, बल्कि पार्टी की आत्मा के रूप में काम करते हैं। गांव से लेकर शहरों तक लाखों कार्यकर्ता अपने निजी काम, व्यवसाय और परिवार को पीछे छोड़कर पार्टी के कार्य में जुट जाते हैं। चुनाव के समय वे दिन-रात बूथ स्तर पर काम करते हैं, घर-घर जाकर मतदाताओं से मिलते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और समाधान की कोशिश करते हैं।
यह समर्पण केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहता। कोविड-19 जैसे संकट, भूकंप, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय भी कार्यकर्ता सेवा कार्य में आगे रहते हैं। राहत सामग्री बांटना, लोगों की मदद करना और विश्वास बनाए रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी बन जाती है। इसी वजह से ‘कमल’ का प्रतीक व्यक्ति से ऊपर उठकर एक विचारधारा और भरोसे का प्रतीक बन गया है।

संगठन की बात करें तो भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी और मजबूत राजनीतिक पार्टियों में से एक है। इसका ढांचा बूथ, मंडल और जिला-राज्य स्तर तक फैला हुआ है। हर बूथ पर एक टीम तैयार रहती है, जो मतदाताओं की जानकारी और समस्याओं पर नजर रखती है। पार्टी ने आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया है। ‘नमो ऐप’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क रखा जाता है। इस मजबूत संगठन के कारण उम्मीदवार बदलने पर भी पार्टी की वोट बैंक पर असर नहीं पड़ता।
भाजपा की लगातार चुनावी सफलता के पीछे यही समर्पण और संगठन शक्ति है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसका असर साफ दिखाई दिया है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और टीमवर्क से पार्टी का आधार घर-घर तक पहुंच चुका है। गुजरात जैसे राज्यों में तो हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में हजारों कार्यकर्ता खुद ही जुड़ जाते हैं।

तटस्थ रूप से देखा जाए तो इस सफलता के पीछे कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, समर्पण और निरंतर मार्गदर्शन अहम भूमिका निभाता है। पार्टी उन्हें विचारधारा और कार्यशैली का प्रशिक्षण देती है, जिससे वे सक्रिय और ईमानदारी से काम करते हैं। यह केवल एक पार्टी की ताकत नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की एकता का भी प्रतीक है। भाजपा के कार्यकर्ताओं का यह उत्साह अन्य दलों के लिए भी प्रेरणादायक है।

अंत में कहा जा सकता है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की समर्पण भावना और संगठन शक्ति उन्हें खास बनाती है। उनकी कार्यशैली न केवल चुनावी सफलता दिलाती है, बल्कि समाज सेवा में भी प्रेरणा देती है। ऐसे लाखों अनजान कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही ‘कमल’ का प्रतीक आज करोड़ों लोगों के दिलों में बस गया है।
(लेखक एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और khabarchhe.com के संस्थापक हैं।)

