- Hindi News
- जनगणना का पहला फेज आज से, आपसे 33 सवाल पूछे जाएंगे; गुजरात में 5 अप्रैल से 19 अप्रैल तक स्व गणना, 20...
जनगणना का पहला फेज आज से, आपसे 33 सवाल पूछे जाएंगे; गुजरात में 5 अप्रैल से 19 अप्रैल तक स्व गणना, 20 से हाउस लिस्टिंग
नई दिल्ली। जनगणना 2027 का पहले फेज एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। सभी राज्यों के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। यह प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। गुजरात की बात करें तो यहां स्व गणना का काम 5 अप्रैल से 19 अप्रैल तक जबकि हाउस लिस्टिंग यानी मकानों की गिनती का काम 20 अप्रैल से 19 मई तक होगा। इस फेज के पूरा होने के बाद दूसरे फेज का काम शुरू होगा। दूसरे फेज में ‘जनसंख्या गणना’ का काम होगा जोकि फरवरी 2027 में होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। बता दें कि आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा।
पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगी। कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा सीधे अपने स्मार्टफोन पर कलेक्ट करेंगे। पहले जनगणना के आंकड़े कागज पर दर्ज किए जाते थे और फिर उन्हें डिजिटाइज किया जाता था। इसमें काफी समय लगता था।
जनगणना करने वाले आपसे कुल 33 सवाल पूछेंगे
वे सवाल कुछ इस प्रकार के होंगे जिनको आपको जवाब देने हैं। ये ध्यान रखना है कि आपके बैंक बैलेंस, आपकी कमाई या आपके पैन, आधार के बारे में कोई भी कर्मचारी आपसे सवाल करे तो उसकी जवाब नहीं देना है। किसी प्रकार के ओटीपी का लेनदेन से भी बचना है। आपकी कमाई के बारे में कोई भी निजी जानकारी कर्मचारी नहीं पूछ सकते हैं।
1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण नंबर)
2. मकान नंबर
3. मकान के फर्श में प्रमुख सामग्री
4. मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
5. मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
6. मकान के उपयोग
7. मकान की हालत
8. परिवार क्रमांक
9. परिवार के सदस्यों की संख्या
10. परिवार के मुखिया का नाम
11. परिवार के मुखिया का लिंग
12. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य
13. मकान के स्वामित्व की स्थिति
14. मकान में कमरों की संख्या
15. परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या
16. पेयजल का मुख्य स्रोत
17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता
18. लाइट का मुख्य स्रोत
19. शौचालय की उपलब्धता
20. शौचालय का प्रकार
21. गंदे पानी की निकासी
22. स्नानघर की उपलब्धता
23. रसोईघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन
24. खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन
25. रेडियो/ट्रांजिस्टर की सुविधा
26. टेलीविजन की उपलब्ता
27. इंटरनेट सुविधा है या नहीं
28. लैपटॉप/कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं
29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन
30. स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड
31. कार/जीप/वैन
32. मुख्य अनाज
33. साइकिल की उपलब्धता
पहले 15 दिन अपनी जानकारी खुद अपडेट कर सकेंगे
दोनों फेज में स्व-गणना की ऑनलाइन सुविधा भी पहली बार दी गई है। सेल्फ-एन्युमरेशन एक वेब पोर्टल के जरिए होगा, जिसमें लोग घर-घर सर्वे से 15 दिन पहले अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकेंगे। पोर्टल पर फॉर्म भरने के लिए 16 भाषाओं दी गई हैं। यह बिल्कुल ऑप्शनल है। जो लोग स्व-गणना नहीं करेंगे, वे पारंपरिक तरीके से सरकारी कर्मचारी के घर आने पर डेटा दे सकते हैं। जिन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भरा है, उनका डेटा वेरिफाई करने के लिए भी सरकारी कर्मचारी उनके घर जाएंगे।
जैसे गुजरात में 5 अप्रैल को http://www.se.census .gov.in पर विंडो खुलेगी। लोग 5 से 19 अप्रैल तक स्व-गणना (सेल्फएन्यूमरेशन) की अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 20 अप्रैल से 19 मई तक प्रदेश भर में मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (हाउस लिस्टिंग) के लिए डोर-टू-डोर मैदानी सर्वे शुरू हो जाएगा।
जनगणना का डेटा पूरी तरह गोपनीय होगा
सरकार ने जनगणना के आंकड़ों को ‘अति-संवेदनशील सूचना बुनियादी ढांचा’ श्रेणी में शामिल किया है। जनगणना का डेटा पूरी तरह गोपनीय और आरटीआई के दायरे से बाहर होगा। किसी सरकारी योजना या कोर्ट में सुबूत के तौर पर इसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इस तरह जनगणना डेटा को वही अभेद्य सुरक्षा मिलेगी जो परमाणु ऊर्जा केंद्रों, नेशनल पावर ग्रिड या मिलिट्री नेटवर्क को मिलती है। इसका डेटा नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर की निगरानी में रहेगा। इस घेरेबंदी का मकसद उन चिंताओं को खत्म करना है, जिनमें डेटा लीक से समुदायों को टारगेट करने या विदेशी ताकतों द्वारा आंतरिक नीतियों को प्रभावित करने की आशंका थी। केवल अधिकृत अधिकारी ही बायोमेट्रिक व डिजिटल सिग्नेचर से डेटा देख सकेंगे।

