- Hindi News
- बिजनेस
- 50 वर्षों की ₹31,005 करोड़ की ब्याजमुक्त ऋण; किस योजना के तहत, किसे मिला? वित्त मंत्री ने दिया जवाब
50 वर्षों की ₹31,005 करोड़ की ब्याजमुक्त ऋण; किस योजना के तहत, किसे मिला? वित्त मंत्री ने दिया जवाब
केंद्र सरकार के पास 'स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट' (SASCI) नाम की एक योजना है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार राज्य सरकारों को 50 वर्षों के लिए ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्यों के पास सड़कों, पुलों, स्कूलों, अस्पतालों या बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे बड़े विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध हो। इस संबंध में संसद में एक प्रश्न उठाया गया था। लोकसभा में YSRCP सांसद पी. वी. मिथुन रेड्डी ने सरकार से पूछा, 'SASCI के तहत आंध्र प्रदेश को अब तक कितनी राशि मिली है, क्या केंद्र की शर्तों के कारण धनराशि जारी करने में देरी हुई है, क्या अमरावती राजधानी परियोजना के लिए कोई अलग राशि निर्धारित की गई है, और क्या केंद्र 2014 में राज्य के विभाजन के बाद हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त सहायता देने पर विचार कर रहा है।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस प्रश्न का उत्तर दिया। उन्होंने सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी कि केंद्र सरकार की SASCI योजना के तहत 50 वर्षों की अवधि वाले ब्याजमुक्त पूंजी ऋण के रूप में आंध्र प्रदेश को अब तक ₹31,005.47 करोड़ दिए गए हैं। अपने उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि, '2020-21 से 1 अगस्त, 2026 तक आंध्र प्रदेश को कुल ₹31,005.47 करोड़ दिए गए हैं। इनमें सबसे अधिक राशि ₹8,289.61 करोड़ 2025-26 में और ₹7,901.56 करोड़ 2024-25 में जारी की गई थी। जबकि 2026-27 में 1 अगस्त तक ₹3,428.14 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।'
देरी के संबंध में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि SASCI योजना के तहत ऋण राज्य सरकार से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद ही दिए जाते हैं। यदि प्रस्ताव सभी दिशानिर्देशों का पालन करता है और पूरी तरह से वैध होता है, तो धनराशि बिना अनावश्यक देरी के जारी कर दी जाती है।
अमरावती के लिए अलग से धनराशि निर्धारित करने के प्रश्न पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस योजना के तहत अमरावती राजधानी के निर्माण के लिए कोई अलग राशि निर्धारित नहीं की गई है। हालांकि, राज्य सरकार अपने आवंटन के तहत अमरावती सहित किसी भी पूंजी परियोजना के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती है।
राज्य के विभाजन के बाद हुए वित्तीय नुकसान के संबंध में सरकार ने बताया कि 2014-15 के लिए ₹16,078.76 करोड़ की पूरी ऑडिटेड राजस्व घाटा अनुदान राशि आंध्र प्रदेश को पहले ही जारी की जा चुकी है। इसके अलावा, 14वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित ₹22,112 करोड़ और 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित ₹36,394 करोड़ की राजस्व घाटा अनुदान राशि भी राज्य को पूरी तरह से जारी की जा चुकी है।

