- Hindi News
- खेल
- 'कोई मुझे यह न बताए कि मुझे क्या करना चाहिए...' आखिर किसे जवाब दे रहे थे संजू सैमसन, वायरल हुआ उनका
'कोई मुझे यह न बताए कि मुझे क्या करना चाहिए...' आखिर किसे जवाब दे रहे थे संजू सैमसन, वायरल हुआ उनका बयान
भारत के लिए विस्फोटक बल्लेबाज होने के साथ-साथ संजू सैमसन एक बेहतरीन विकेटकीपर भी हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बार पर्याप्त मौके नहीं मिलते। उन्होंने 2015 में 20 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था। हालांकि, यह विकेटकीपर-बल्लेबाज पिछले 11 वर्षों में भारत के लिए केवल 82 अंतरराष्ट्रीय मैच ही खेल पाया है। संजू सैमसन पिछले 11 वर्षों में कभी भी टीम इंडिया में खुद को मजबूती से स्थापित नहीं कर सके। भारत में प्रतिभाओं की भरमार होने के कारण उन्हें अपने मौके का इंतजार लंबे समय तक करना पड़ा।
संजू सैमसन ने T20 वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट में 5 मैचों में 321 रन बनाए। उनके इस शानदार प्रदर्शन में लगातार 3 मैचों में 3 अर्धशतक शामिल थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में नाबाद 97, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 89 रन। जब ऐसा लग रहा था कि संजू सैमसन ने टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है, तभी खराब फॉर्म के कारण उन्हें अपनी जगह गंवानी पड़ी। इसके बाद उन्हें वापसी के लिए संघर्ष करना पड़ा।

इन कठिनाइयों ने संजू सैमसन के संकल्प को और मजबूत किया है और उन्हें अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा रखने वाला बेहद आत्मविश्वासी बल्लेबाज बना दिया है। अब उन्होंने पूरी तरह अपनी शर्तों पर खेलने का फैसला किया है। संजू सैमसन ने एक मीडिया चैनल से खुलकर बात की। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने बताया कि T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उन्होंने सोच-समझकर इस 'अंधी दौड़' का हिस्सा न बनने और सिर्फ अपने खेल का आनंद लेने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया था।
सैमसन ने कहा, 'मुझे एहसास हुआ कि हमारे देश में हमेशा एक अंधी दौड़ चलती रहती है, और मैंने T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले फैसला किया था कि मैं उसका हिस्सा नहीं बनूंगा। मैं सिर्फ खेल का आनंद लेना चाहता हूं।' 2026 के T20 वर्ल्ड कप से पहले सैमसन ने T20I में भारत के पहली पसंद के ओपनर के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए बहुत कुछ किया था। हालांकि, परिस्थितियां बदल गईं और उन्हें बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेज दिया गया, पहले शुभमन गिल की वापसी के कारण और फिर ईशान किशन की वजह से, और अब अपनी खराब फॉर्म के कारण।

इन बदलावों का असर सैमसन के प्रदर्शन पर पड़ा और T20 वर्ल्ड कप से पहले भारत की आखिरी T20I सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन ने बड़ी प्रतियोगिता में अभिषेक शर्मा और ईशान किशन से पारी की शुरुआत कराने का फैसला किया। सैमसन ने कहा, 'भगवान की कृपा से मैंने बहुत कुछ हासिल किया है। मैं अब 31 साल का हूं और मेरे पास सिर्फ कुछ ही साल बचे हैं। इसलिए मैंने अपनी शर्तों पर खेलने का फैसला किया है। कोई मुझे यह नहीं बताएगा कि बल्लेबाजी कैसे करनी है या क्या करना है। संजू अपने फैसले खुद लेगा। पूरे सम्मान के साथ, मैं खेलूंगा, खेल का आनंद लूंगा, एक अच्छा टीम साथी बनूंगा और टीम का समर्थन करूंगा, लेकिन मैं सब कुछ अपने तरीके से करूंगा।'
जब भारत 2026 T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने की कगार पर था, तब टीम प्रबंधन ने संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में वापस बुलाया और उन्हें पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी सौंपी। 31 वर्षीय सैमसन ने लगातार 3 शानदार पारियां खेलीं, जिससे भारत को रिकॉर्ड तीसरी बार T20 वर्ल्ड कप जीतने में मदद मिली और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' घोषित किया गया। इन अनुभवों ने सैमसन को भविष्य की चिंता करने के बजाय वर्तमान में जीना सिखाया है।

संजू सैमसन ने कहा, '2024 के वर्ल्ड कप के बाद मुझे 2026 के वर्ल्ड कप में खेलने की उम्मीद भी नहीं थी। एक समय ऐसा था जब मैं 14 या 15 सदस्यीय टीम में भी नहीं था। तो मैं 2028 के लिए कैसे योजना बना सकता हूं? अगर मैं टीम में रहा, टीम को मेरी जरूरत हुई और मैं अच्छा खेल रहा हूं, तो सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा। अगर ऐसा नहीं भी हुआ, तब भी मैं बेहद आभारी रहूंगा। यह उपलब्धि कोई मुझसे छीन नहीं सकता।'"

